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28 Jan 2017 · 1 min read

मेरी बेटी

माँ!!!
बनूँगी इस खबर से
ख़ुशी का माहौल था…..
झूमते गाते दिलों में
बस यही इक कौल था…..
है तुम्हें आशीष मेरी
बेटा जनोगी प्यारा सा….
वंश बेल बढ़ जायेगी
तोहफा जो दोगी न्यारा सा…..
खुसपुसाहट सी हुई कुछ
धीरे धीरे कानों में…..
माँ!मैं तो तेरी बेटी हूँ
कैसे बचोगी तानों से……
नीर भरकर नयन में
कसमसाकर रह गई…..
चाहती तुझको बचाना
पर मेरे बस में नहीं……
आज मुझको लेना होगा
तेरी ख़ातिर फैसला…..
राह में डट कर खड़ी हूँ
जो, कोई तोड़े घोंसला……
चाहती साकार तुझको
अब जो मेरी कोख़ में…..
जन्म लेकर मेरी बेटी
आ मेरे आगोश में…..
स्वीकार करती हूँ तुझे
दिल गुदगुदाते अहसास से….
मेरा ही प्रतिरूप है तू
ये मुझे विश्वास है….
#रजनी

Language: Hindi
220 Views
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