Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Feb 2023 · 1 min read

– मेरी जिंदगी में बस तेरा ही इंतजार है –

– मेरी जिंदगी में बस तेरा ही इंतजार है –
मेरी जिंदगी में बस तेरा ही इंतजार है,
मुझे तुमसे ही प्यार है,
तेरा ही इस दिल को एतबार है,
इस दिल को बस तुझसे ही प्यार है,
यह जवानी ,यह जीवन बस तेरे ही नाम है,
यह जिस्म है जान बस तेरे ही नाम है,
इस जीवन पर सिर्फ और सिर्फ तेरा ही कलाम है,
तुझको पा जाए फिर चाहे छोड़ चले यह संसार,
मेरी जिंदगी हो तुम मुझे तुमसे प्यार है,
मेरी जिंदगी में बस तेरा ही इंतजार है,
मुझे तुझसे ही प्यार है,

✍️✍️✍️ भरत गहलोत
जालोर राजस्थान
संपर्क सूत्र -7742016184 –

Language: Hindi
223 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
राखी की सौगंध
राखी की सौगंध
Dr. Pradeep Kumar Sharma
शमशान और मैं l
शमशान और मैं l
सेजल गोस्वामी
साहित्य मेरा मन है
साहित्य मेरा मन है
Harminder Kaur
■ क़तआ (मुक्तक)
■ क़तआ (मुक्तक)
*प्रणय प्रभात*
हार मैं मानू नहीं
हार मैं मानू नहीं
Anamika Tiwari 'annpurna '
आ अब लौट चले
आ अब लौट चले
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
महायोद्धा टंट्या भील के पदचिन्हों पर चलकर महेंद्र सिंह कन्नौज बने मुफलिसी आवाम की आवाज: राकेश देवडे़ बिरसावादी
महायोद्धा टंट्या भील के पदचिन्हों पर चलकर महेंद्र सिंह कन्नौज बने मुफलिसी आवाम की आवाज: राकेश देवडे़ बिरसावादी
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
कैसा जुल्म यह नारी पर
कैसा जुल्म यह नारी पर
Dr. Kishan tandon kranti
"तुम तो बस अब गरजो"
Ajit Kumar "Karn"
नींद आती है......
नींद आती है......
Kavita Chouhan
तेरी याद.....!
तेरी याद.....!
singh kunwar sarvendra vikram
"संघर्ष "
Yogendra Chaturwedi
भाव गणित
भाव गणित
Shyam Sundar Subramanian
अपनी सोच
अपनी सोच
Ravi Maurya
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
Pratibha Pandey
जब कोई शब् मेहरबाँ होती है ।
जब कोई शब् मेहरबाँ होती है ।
sushil sarna
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
मिलन
मिलन
Dr.Priya Soni Khare
गाँधी जयंती
गाँधी जयंती
Surya Barman
जाना ही होगा 🙏🙏
जाना ही होगा 🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
रंजीत कुमार शुक्ल
रंजीत कुमार शुक्ल
Ranjeet kumar Shukla
बेपर्दा लोगों में भी पर्दा होता है बिल्कुल वैसे ही, जैसे हया
बेपर्दा लोगों में भी पर्दा होता है बिल्कुल वैसे ही, जैसे हया
Sanjay ' शून्य'
किसी के दुःख को अपनें भीतर भरना फिर एक
किसी के दुःख को अपनें भीतर भरना फिर एक
Sonam Puneet Dubey
क्या वायदे क्या इरादे ,
क्या वायदे क्या इरादे ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
मेरी एक बार साहेब को मौत के कुएं में मोटरसाइकिल
मेरी एक बार साहेब को मौत के कुएं में मोटरसाइकिल
शेखर सिंह
2609.पूर्णिका
2609.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*ठेला (बाल कविता)*
*ठेला (बाल कविता)*
Ravi Prakash
क़त्ल कर गया तो क्या हुआ, इश्क़ ही तो है-
क़त्ल कर गया तो क्या हुआ, इश्क़ ही तो है-
Shreedhar
जिंदगी
जिंदगी
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
जीवन
जीवन
Mangilal 713
Loading...