Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

मुझे मेरी सोच ने मारा

नही जख़्मो से हूँ घायल, मुझे मेरी सोच ने मारा ||

शिकायत है मुझे दिन से
जो की हर रोज आता है
अंधेरे मे जो था खोया
उसको भी उठाता है
किसी का चूल्हा जलता हो
मेरी चमड़ी जलाता है |
कोई तप कर भी सोया है,
कोई सोकर थका हारा ||

नही जख़्मो से हूँ घायल, मुझे मेरी सोच ने मारा ||

मै जन्मो का प्यासा हूँ
नही पर प्यास पानी की
ना रह जाए अधूरी कसर
कोई बहकी जवानी की
उतना बदनाम हो जाऊं
वो नायिका कहानी की|
सागर मे नहाता हूँ
मुझे गंगाजल लगे खारा ||

नही जख़्मो से हूँ घायल, मुझे मेरी सोच ने मारा ||

277 Views
You may also like:
इश्क में तन्हाईयां बहुत है।
Taj Mohammad
कभी हम भी।
Taj Mohammad
हमने प्यार को छोड़ दिया है
VINOD KUMAR CHAUHAN
मेरी हर सांस में
Dr fauzia Naseem shad
ये सिर्फ मैं जानता हूँ
Swami Ganganiya
THANKS
Vikas Sharma'Shivaaya'
महापंडित ठाकुर टीकाराम
श्रीहर्ष आचार्य
ग़ज़ल
Awadhesh Saxena
कोई तो हद होगी।
Taj Mohammad
यह कौन सा विधान है
Vishnu Prasad 'panchotiya'
पंडित मदन मोहन व्यास की कुंडलियों में हास्य का पुट
Ravi Prakash
जम्हूरियत
बिमल
घर आंगन
शेख़ जाफ़र खान
धर्म निरपेक्ष चश्मा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कलियों को फूल बनते देखा है।
Taj Mohammad
शायद मैं गलत हूँ...
मनोज कर्ण
कहो अब और क्या चाहें
VINOD KUMAR CHAUHAN
तेरे हाथों में जिन्दगानियां
DESH RAJ
हृदय का सरोवर
सुनील कुमार
तुम थे पास फकत कुछ वक्त के लिए।
Taj Mohammad
"महेनत की रोटी"
Dr. Alpa H. Amin
बदरिया
Dhirendra Panchal
" अखंड ज्योत "
Dr Meenu Poonia
✍️आखरी सफर पे हूँ...✍️
"अशांत" शेखर
✍️कोरोना✍️
"अशांत" शेखर
दुश्मन बना देता है।
Taj Mohammad
बेवफ़ा कहलाए है।
Taj Mohammad
कुछ लोग यूँ ही बदनाम नहीं होते...
मनोज कर्ण
जाऊं कहां मैं।
Taj Mohammad
बात चले
सिद्धार्थ गोरखपुरी
Loading...