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9 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-35💐

मुझे तसल्ली मत दो,अपने झूठे ख्यालों की,
वादे मत गिनाओ,
परिंदे भी दरख़्त पर अपने घोंसले छोड़ जाते हैं।

-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
73 Views
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