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25 Jul 2016 · 1 min read

मुक्तक

हमारी प्यास का ये अब खुला समर्पण है
हमारे पास था जो सब तुम्हीं को अर्पण है
हमारी आँख में जो बूँद झिलमिलाई है
तुम्हारे प्रेम का ये आँसुओं से तर्पण है

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
187 Views
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