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21 Jun 2016 · 1 min read

मुक्तक

निशाने पर सदा बिजली के रहता आशियाना है,
ख़ुशी की ख़ुदकुशी का भी निशां दिल में पुराना है।
खरीदा हसरतों को बेच कर ख्वाबों की कीमत पर,
हमारे पास बस यारों, मुहब्बत का खज़ाना है।

दीपशिखा सागर-

Language: Hindi
Tag: कविता
2 Likes · 2 Comments · 1177 Views
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