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16 Jun 2016 · 1 min read

तदबीर इक सोना

धरो मत हाथ पर यूं हाथ, है तदबीर इक सोना
मलोगे हाथ फिर तुम ही, रहेगा व्यर्थ का रोना
करो तुम कर्म साहस से,बनो कर्मठ अरे मानव
मिलेगा फल तुम्हें मीठा, दुखों के बीज मत बोना।

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
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