Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jul 5, 2016 · 1 min read

मुक्तक :– जिंदा लाश से लिपटी रही !!

मुक्तक :– जिंदा लाश से लिपटी रही !!

आज मेरी साँस तेरी साँस से लिपटी रही !
और पलकें एक हसीं अहसास से लिपटी रही !
दर्द से पत्थर जिगर भी टूर कर कुम्हला गय़ा ,
आरजू मेरी आश जिंदा लाश से लिपटी रही !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

1 Like · 11 Comments · 386 Views
You may also like:
विधाता स्वरूप पिता
AMRESH KUMAR VERMA
जीवन-रथ के सारथि_पिता
मनोज कर्ण
खुदा ने जो दे दिया।
Taj Mohammad
ढूढ़ा जाऊंगा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
हर गम को ही सह लूंगा।
Taj Mohammad
फूल की महक
DESH RAJ
पत्ते ने अगर अपना रंग न बदला होता
Dr. Alpa H. Amin
ग्रीष्म ऋतु भाग ४
Vishnu Prasad 'panchotiya'
मैं परछाइयों की भी कद्र करता हूं
VINOD KUMAR CHAUHAN
भारतवर्ष
AMRESH KUMAR VERMA
नारियां
AMRESH KUMAR VERMA
जंगल में कवि सम्मेलन
मनोज कर्ण
जाने क्या-क्या ? / (गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️कबीरा बोल...✍️
"अशांत" शेखर
एक नज़म [ बेकायदा ]
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ये कैसा बेटी बाप का रिश्ता है?
Taj Mohammad
"एक नज़्म लिख रहा हूँ"
Lohit Tamta
आज कुछ ऐसा लिखो
Saraswati Bajpai
बहन का जन्मदिन
Khushboo Khatoon
नाम लेकर भुला रहा है
Vindhya Prakash Mishra
कैसी है ये पीर पराई
VINOD KUMAR CHAUHAN
उसको बता दो।
Taj Mohammad
मेहनत
Arjun Chauhan
✍️ये अज़ीब इश्क़ है✍️
"अशांत" शेखर
इस तरह
Dr fauzia Naseem shad
ख़ामोश अल्फाज़।
Taj Mohammad
#पूज्य पिता जी
आर.एस. 'प्रीतम'
✍️निशान✍️
"अशांत" शेखर
रिंगटोन
पूनम झा 'प्रथमा'
हम आजाद पंछी
Anamika Singh
Loading...