Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jul 2016 · 1 min read

मुक्तक(अमाबस की अंधेरी में ज्यों चाँद निकल आया है )

तुम्हारा साथ ही मुझको करता मजबूर जीने को
तुम्हारे बिन अधूरे हम बिबश हैं जहर पीने को
तुम्हारा साथ पाकर के दिल ने ये ही पाया है
अमाबस की अंधेरी में ज्यों चाँद निकल आया है

मुक्तक(अमाबस की अंधेरी में ज्यों चाँद निकल आया है )
मदन मोहन सक्सेना

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
301 Views
You may also like:
नाशुक्रा
Satish Srijan
■ कविता / आह्वान करें...!!
*Author प्रणय प्रभात*
में हूँ हिन्दुस्तान
Irshad Aatif
कौन हो तुम….
Rekha Drolia
सपेरा
Buddha Prakash
कुछ सवाल
manu sweta sweta
#नाव
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
कई शामें शामिल होकर लूटी हैं मेरी दुनियां /लवकुश यादव...
लवकुश यादव "अज़ल"
अब अरमान दिल में है
कवि दीपक बवेजा
कमजोरी अपनी यहाँ किसी को
gurudeenverma198
मज़दूर
Shekhar Chandra Mitra
✍️रंग बदलती जिंदगी
'अशांत' शेखर
राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है
पंकज कुमार शर्मा 'प्रखर'
ये हमारे कलम की स्याही, बेपरवाहगी से भी चुराती है,...
Manisha Manjari
जब जब ही मैंने समझा आसान जिंदगी को।
सत्य कुमार प्रेमी
परख किसको है यहां
Seema 'Tu hai na'
आग़ाज़
Shyam Sundar Subramanian
दोस्ती और दुश्मनी
shabina. Naaz
मन की पीड़ा
Dr fauzia Naseem shad
अब नही छल सकते हो
Anamika Singh
अमृत महोत्सव
Mukesh Jeevanand
मोहन
मोहन
आप जैंसे नेता ही,देश को आगे ले जाएंगे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नरक चतुर्दशी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
💐💐बेबी मेरा टेस्ट ले रही💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*टूटते संबंध को भी जोड़ लेने की कला (हिंदी गजल/गीतिका)*
Ravi Prakash
एक था ब्लैक टाइगर रविन्द्र कौशिक
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चलो करें धूम - धड़ाका..
लक्ष्मी सिंह
वादा खिलाफी।
Taj Mohammad
प्यार जताना न आया
VINOD KUMAR CHAUHAN
Loading...