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24 Jun 2023 · 1 min read

मिले

मिले

चलते-चलते हमें आराम का स्थान मिले ।
कुछ समय के लिये ही जगह एक सुनसान मिले ।।

ना कोई काम दरवाजे पे कहीं दस्तक दे ।
कोई पहचान न हो जगह एक वीरान मिले ।।

नाम अपना हमें कुछ देर अकेला छोड़े ।
कोई घटना न घटे वह जगह अनजान मिले ।।

न कोई याद मिले घूमते हुये वन में ।
न अपना घर मिले और न कोई मेहमान मिले ।।

रात भर फुलझड़ी चलतीं रहे मैदानों में ।
आस्मां देखकर उनकी चमक हैरान मिले ॥

हवा शीतल हो साथ पक्षियों का कलरव हो l
भीड़ से निकले हम एक दम ही बियाबान मिले ।।

नहायें झरने में और हो बसन्त का मौसम ।
पानी चुल्लू से पियें नीला आसमान मिले ।।

मिले कुछ वाटियाँ खाने को पके कन्डों में ।
साथ में भुरता, दाल, चटनी का सामान मिले ।।

Language: Hindi
1 Like · 140 Views
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