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14 Apr 2023 · 1 min read

मिली पात्रता से अधिक, पचे नहीं सौगात।

मिली पात्रता से अधिक, पचे नहीं सौगात।
कर उतनी ही कामना, हो जितनी औकात।।
© सीमा अग्रवाल
मुरादाबाद

Language: Hindi
1 Like · 322 Views
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