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14 Aug 2023 · 1 min read

मिली जिस काल आजादी, हुआ दिल चाक भारत का।

मिली जिस काल आजादी, हुआ दिल चाक भारत का।
खुशी का पल गया करके, नयन नमनाक भारत का।
किए टुकड़े वतन के दो, हजारों जन हुए बेघर,
खिंची दीवार नफरत की, हुआ सुख खाक भारत का।

© सीमा अग्रवाल

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