Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 May 2023 · 1 min read

माफ करना, कुछ मत कहना

कल को अगर मैं तुमको,
पहचान नहीं सकूँ,
और तुमको दूँ टूटा जवाब,
या भूल जाऊं अपनी कसमें,
तुमसे अपनी यह मोहब्बत,
और बेच दूँ ईमान दौलत के लिए,
माफ करना, कुछ मत कहना।

हाँ, मैंने तुमको भरोसा दिलाया था,
कि नहीं तोड़ूंगा तुमसे रिश्ता,
चाहे छोड़ना पड़े अपनों का साथ,
नहीं भूलूंगा कभी मैं तुमको,
चाहे करनी पड़े जगत से दुश्मनी,
लेकिन समय एक सा नहीं रहता है,
और बदल जाये यदि मेरे भी विचार,
माफ करना, कुछ मत कहना।

मैं मांग रहा हूँ आज तुमसे,
खुशी और सम्मान अपने लिए,
तेरा हाथ और साथ जिंदगी के लिए,
तुमको अपना ख्वाब- हमसफर मानकर,
लेकिन कभी उदासीन हो तुम मेरे प्रति,
और करें रोज तू मेरा मूड खराब,
ऐसे में कर दूँ अगर तेरा अपमान,
किसी महफ़िल या मजलिस में,
माफ करना, कुछ मत कहना।

शिक्षक एवं साहित्यकार-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
305 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
From dust to diamond.
From dust to diamond.
Manisha Manjari
अफ़सोस का एक बीज़ उगाया हमने,
अफ़सोस का एक बीज़ उगाया हमने,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
सत्य को अपना बना लो,
सत्य को अपना बना लो,
Buddha Prakash
एक शेर
एक शेर
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
आकाश के सितारों के साथ हैं
आकाश के सितारों के साथ हैं
Neeraj Agarwal
" मन भी लगे बवाली "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
कैसे- कैसे नींद में,
कैसे- कैसे नींद में,
sushil sarna
संभव भी असम्भव
संभव भी असम्भव
Dr fauzia Naseem shad
तनावमुक्त
तनावमुक्त
Kanchan Khanna
Swami Vivekanand
Swami Vivekanand
Poonam Sharma
सोचा नहीं कभी
सोचा नहीं कभी
gurudeenverma198
*......हसीन लम्हे....* .....
*......हसीन लम्हे....* .....
Naushaba Suriya
*बारिश आती (बाल कविता/ गीतिका)*
*बारिश आती (बाल कविता/ गीतिका)*
Ravi Prakash
प्रीति क्या है मुझे तुम बताओ जरा
प्रीति क्या है मुझे तुम बताओ जरा
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
"धन वालों मान यहाँ"
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
बेटी की बिदाई
बेटी की बिदाई
Naresh Sagar
2577.पूर्णिका
2577.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
💐प्रेम कौतुक-511💐
💐प्रेम कौतुक-511💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
"कुछ खास हुआ"
Lohit Tamta
प्रकृति का प्रकोप
प्रकृति का प्रकोप
Kanchan verma
The Hard Problem of Law
The Hard Problem of Law
AJAY AMITABH SUMAN
विरह
विरह
Neelam Sharma
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
Otteri Selvakumar
चंद मुक्तक- छंद ताटंक...
चंद मुक्तक- छंद ताटंक...
डॉ.सीमा अग्रवाल
अंतरिक्ष में आनन्द है
अंतरिक्ष में आनन्द है
Satish Srijan
#प्रथम_स्मृति_दिवस
#प्रथम_स्मृति_दिवस
*Author प्रणय प्रभात*
उम्मीदें  लगाना  छोड़  दो...
उम्मीदें लगाना छोड़ दो...
Aarti sirsat
*कुकर्मी पुजारी*
*कुकर्मी पुजारी*
Dushyant Kumar
एक सूखा सा वृक्ष...
एक सूखा सा वृक्ष...
Awadhesh Kumar Singh
विजयी
विजयी
Raju Gajbhiye
Loading...