Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Mar 2023 · 1 min read

माना के गुनाहगार बहुत हू

माना के गुनाहगार बहुत हू

मगर ना जाने क्यू मेरी दिल को यकीन है

के बख्श देगा तू

अपनी शिफायत से हमें

सरे महशर… शबीना

रमजान मुबारक

Mana ke gunahahgaar bahut hoo
Mager na jane kyu merry dil ko yaqeen hai
Ke bakhsh dega too
Apni shifayat se hame
Sare mahshar…….shabeena

RAMADHAN MUBARAK

198 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from shabina. Naaz
View all
You may also like:
लोग कहते हैं कि प्यार अँधा होता है।
लोग कहते हैं कि प्यार अँधा होता है।
आनंद प्रवीण
ज़िंदगानी
ज़िंदगानी
Shyam Sundar Subramanian
“Do not be afraid of your difficulties. Do not wish you coul
“Do not be afraid of your difficulties. Do not wish you coul
पूर्वार्थ
अश्रुऔ की धारा बह रही
अश्रुऔ की धारा बह रही
Harminder Kaur
"कोरा कागज"
Dr. Kishan tandon kranti
सम्बन्ध
सम्बन्ध
Shaily
(21)
(21) "ऐ सहरा के कैक्टस ! *
Kishore Nigam
तेवरी का सौन्दर्य-बोध +रमेशराज
तेवरी का सौन्दर्य-बोध +रमेशराज
कवि रमेशराज
3292.*पूर्णिका*
3292.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*देश की आत्मा है हिंदी*
*देश की आत्मा है हिंदी*
Shashi kala vyas
लोग आते हैं दिल के अंदर मसीहा बनकर
लोग आते हैं दिल के अंदर मसीहा बनकर
कवि दीपक बवेजा
लिखते रहिए ...
लिखते रहिए ...
Dheerja Sharma
#वर_दक्षिण (दहेज)
#वर_दक्षिण (दहेज)
संजीव शुक्ल 'सचिन'
" मानस मायूस "
Dr Meenu Poonia
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
शिक्षा और संस्कार जीवंत जीवन के
शिक्षा और संस्कार जीवंत जीवन के
Neelam Sharma
शिक्षार्थी को एक संदेश🕊️🙏
शिक्षार्थी को एक संदेश🕊️🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मे कोई समस्या नहीं जिसका
मे कोई समस्या नहीं जिसका
Ranjeet kumar patre
"सुरेंद्र शर्मा, मरे नहीं जिन्दा हैं"
Anand Kumar
बस भगवान नहीं होता,
बस भगवान नहीं होता,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
तो क्या हुआ
तो क्या हुआ
Sûrëkhâ
Gazal 25
Gazal 25
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
वक्त सा गुजर गया है।
वक्त सा गुजर गया है।
Taj Mohammad
मुक्तक...छंद-रूपमाला/मदन
मुक्तक...छंद-रूपमाला/मदन
डॉ.सीमा अग्रवाल
*पारस-मणि की चाह नहीं प्रभु, तुमको कैसे पाऊॅं (गीत)*
*पारस-मणि की चाह नहीं प्रभु, तुमको कैसे पाऊॅं (गीत)*
Ravi Prakash
वो ही तो यहाँ बदनाम प्यार को करते हैं
वो ही तो यहाँ बदनाम प्यार को करते हैं
gurudeenverma198
मिट गई गर फितरत मेरी, जीवन को तरस जाओगे।
मिट गई गर फितरत मेरी, जीवन को तरस जाओगे।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
राम लला की हो गई,
राम लला की हो गई,
sushil sarna
सांत्वना
सांत्वना
भरत कुमार सोलंकी
पीड़ादायक होता है
पीड़ादायक होता है
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
Loading...