Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Dec 2022 · 1 min read

माता-पिता

हमारा जो अस्तित्व है
आधार है माता पिता ।
माता यदि भूमि है तो
आकाश है अपने पिता ।
छाँव है माता की ममता
बन धूप मिलते है पिता ।
पल्लवित करते हमें
सर्वस्व दे माता-पिता |
न उऋण हो पाया कोई
मातृ ऋण या पितृ ऋण से ।
निराकार ईश्वर का ही
साकार अंश माता-पिता ।
श्रद्धा से स्वीकारते यदि
आदेश या उनके वचन
जीवन को इस वरदानमय
कर जातें हैं माता-पिता ।

2 Likes · 357 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Saraswati Bajpai
View all
You may also like:
सत्य असत्य से हारा नहीं है
सत्य असत्य से हारा नहीं है
Dr fauzia Naseem shad
प्रेम पर्व आया सखी
प्रेम पर्व आया सखी
लक्ष्मी सिंह
ये मेरा हिंदुस्तान
ये मेरा हिंदुस्तान
Mamta Rani
नज़र बचा कर चलते हैं वो मुझको चाहने वाले
नज़र बचा कर चलते हैं वो मुझको चाहने वाले
VINOD CHAUHAN
चला गया
चला गया
Mahendra Narayan
मुलभुत प्रश्न
मुलभुत प्रश्न
Raju Gajbhiye
स्वयं से सवाल
स्वयं से सवाल
आनन्द मिश्र
जग जननी है जीवनदायनी
जग जननी है जीवनदायनी
Buddha Prakash
ईर्ष्या
ईर्ष्या
Sûrëkhâ
अरे...
अरे...
पूर्वार्थ
"नेशनल कैरेक्टर"
Dr. Kishan tandon kranti
एतबार इस जमाने में अब आसान नहीं रहा,
एतबार इस जमाने में अब आसान नहीं रहा,
manjula chauhan
ज़िंदगी से शिकायतें बंद कर दो
ज़िंदगी से शिकायतें बंद कर दो
Sonam Puneet Dubey
नूर ए मुजस्सम सा चेहरा है।
नूर ए मुजस्सम सा चेहरा है।
Taj Mohammad
धन तो विष की बेल है, तन मिट्टी का ढेर ।
धन तो विष की बेल है, तन मिट्टी का ढेर ।
sushil sarna
आज अंधेरे से दोस्ती कर ली मेंने,
आज अंधेरे से दोस्ती कर ली मेंने,
Sunil Maheshwari
पापा , तुम बिन जीवन रीता है
पापा , तुम बिन जीवन रीता है
Dilip Kumar
सौंदर्यबोध
सौंदर्यबोध
Prakash Chandra
नहीं-नहीं प्रिये!
नहीं-नहीं प्रिये!
Pratibha Pandey
*चंदा (बाल कविता)*
*चंदा (बाल कविता)*
Ravi Prakash
ऐसे भी मंत्री
ऐसे भी मंत्री
Dr. Pradeep Kumar Sharma
जिन्दगी की किताब में
जिन्दगी की किताब में
Mangilal 713
■ कटाक्ष...
■ कटाक्ष...
*प्रणय प्रभात*
2817. *पूर्णिका*
2817. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
पिछले पन्ने 6
पिछले पन्ने 6
Paras Nath Jha
धूल-मिट्टी
धूल-मिट्टी
Lovi Mishra
सदा के लिए
सदा के लिए
Saraswati Bajpai
Ajj fir ek bar tum mera yuhi intazar karna,
Ajj fir ek bar tum mera yuhi intazar karna,
Sakshi Tripathi
भारत अपना देश
भारत अपना देश
प्रदीप कुमार गुप्ता
तसव्वुर
तसव्वुर
Shyam Sundar Subramanian
Loading...