Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jan 2024 · 1 min read

माॅ॑ बहुत प्यारी बहुत मासूम होती है

माॅ॑ बहुत प्यारी बहुत मासूम होती है
लगती है चोट बच्चे को तो माॅ॑ ही रोती है
मानो हमेशा कहना उनकी बात ना टालो
आंचल में माॅ॑ के जिंदगी महफूज होती है—माॅ॑ बड़ी
माॅ॑ करे दुलार और मॉ॑ लोरी सुनाए
माॅ॑ हमें देती खुशी मॉ॑ ख्वाब दिखाए
माॅ॑ रहे भूखी मगर बच्चों को खिलाए
माॅ॑ ही अपने बच्चों की तकदीर बनाए
माॅ॑ नहीं होती बुरी बस अच्छी होती है—माॅ॑ बड़ी
रूठी है अगर मॉ॑ तो अरे माॅ॑ को मना लो
पहले पुकारो प्यार से फिर गले लगा लो
माॅ॑ ही सिखाती है हमें सुनो जिंदगी जीना
ये जिंदगी अधूरी है सुनो एक मां के बिना
माॅ॑ का है गुस्सा झूठ ममता सच्ची होती है—माॅ॑ बड़ी
माॅ॑ नहीं होती तो कौन चलना सिखाता
माॅ॑ के बिना कौन हमको जीना सिखाता
माॅ॑ ही तो है जो हमारे लिए सपने संजोती
माॅ॑ को है सो बार नमन जो ममता पिरोती
माॅ॑ की चरण रज में ‘V9द’ जन्नत होती हैं—माॅ॑ बड़ी

2 Likes · 70 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from VINOD CHAUHAN
View all
You may also like:
मैं बारिश में तर था
मैं बारिश में तर था
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
किसी की प्रशंसा एक हद में ही करो ताकि प्रशंसा एवं 'खुजाने' म
किसी की प्रशंसा एक हद में ही करो ताकि प्रशंसा एवं 'खुजाने' म
Dr MusafiR BaithA
गुजरते लम्हों से कुछ पल तुम्हारे लिए चुरा लिए हमने,
गुजरते लम्हों से कुछ पल तुम्हारे लिए चुरा लिए हमने,
Hanuman Ramawat
मिलन फूलों का फूलों से हुआ है_
मिलन फूलों का फूलों से हुआ है_
Rajesh vyas
तूफानों से लड़ना सीखो
तूफानों से लड़ना सीखो
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अपनी क्षमता का पूर्ण प्रयोग नहीं कर पाना ही इस दुनिया में सब
अपनी क्षमता का पूर्ण प्रयोग नहीं कर पाना ही इस दुनिया में सब
Paras Nath Jha
मस्ती का त्योहार है होली
मस्ती का त्योहार है होली
कवि रमेशराज
अर्पण है...
अर्पण है...
Er. Sanjay Shrivastava
साँवलें रंग में सादगी समेटे,
साँवलें रंग में सादगी समेटे,
ओसमणी साहू 'ओश'
तू ज़रा धीरे आना
तू ज़रा धीरे आना
मनोज कुमार
पतंग
पतंग
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
हाइकु (#हिन्दी)
हाइकु (#हिन्दी)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
नृत्य किसी भी गीत और संस्कृति के बोल पर आधारित भावना से ओतप्
नृत्य किसी भी गीत और संस्कृति के बोल पर आधारित भावना से ओतप्
Rj Anand Prajapati
"रहस्यमयी"
Dr. Kishan tandon kranti
2783. *पूर्णिका*
2783. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Jeevan ka saar
Jeevan ka saar
Tushar Jagawat
आंखे बाते जुल्फे मुस्कुराहटे एक साथ में ही वार कर रही हो,
आंखे बाते जुल्फे मुस्कुराहटे एक साथ में ही वार कर रही हो,
Vishal babu (vishu)
असंतुष्ट और चुगलखोर व्यक्ति
असंतुष्ट और चुगलखोर व्यक्ति
Dr.Rashmi Mishra
यादो की चिलमन
यादो की चिलमन
Sandeep Pande
दो कदम
दो कदम
Dr fauzia Naseem shad
बड़ी मुश्किल से लगा दिल
बड़ी मुश्किल से लगा दिल
कवि दीपक बवेजा
अंताक्षरी पिरामिड तुक्तक
अंताक्षरी पिरामिड तुक्तक
Subhash Singhai
*यह सही है मूलतः तो, इस धरा पर रोग हैं (गीत)*
*यह सही है मूलतः तो, इस धरा पर रोग हैं (गीत)*
Ravi Prakash
सुकर्म से ...
सुकर्म से ...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
परीक्षा
परीक्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हकीकत  पर  तो  इख्तियार  है
हकीकत पर तो इख्तियार है
shabina. Naaz
आज
आज
Shyam Sundar Subramanian
#ज़मीनी_सच
#ज़मीनी_सच
*Author प्रणय प्रभात*
बसहा चलल आब संसद भवन
बसहा चलल आब संसद भवन
मनोज कर्ण
జయ శ్రీ రామ...
జయ శ్రీ రామ...
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
Loading...