Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Apr 2018 · 1 min read

माँ-बाप की सोच,बेटे बेटी के बारे में -आर के रस्तोगी

करे बेटी दोस्तों से बाते,तो बेचारी बेटी बेशर्म हो गई
करे बेटा बात गर्ल फ्रेंड से,उसकी उम्र अब बड़ी हो गई

हर वक्त नजर रखते हो,बेटी के मोबाइल पर
पर कभी नजर रखते हो,बेटे के इन्टरनेट पर

कहते हो बेटी से,मत जाओ तंग वस्त्र पहने कर
कभी कहते हो बेटे से,बुरी नजर न रख देख कर

करे बहन बाते किसी से,भाई बहन को हडकाता है
करे भाई बाते किसी लडकी से,गर्ल फ्रेंड बताता है

बंद करो ये दोगली बाते,फिर कहना तुम अपने समाज से
घर में बेटो को कहो,हर लडकी को बहन समझे आज से

कहते हो बेटी से,किसी के घर की इज्जत खराब मत करना
क्यों नहीं कहते बेटे से,हर घर की इज्जत सभाल कर रखना

अगर ये बात तुम्हे अच्छी लगे,इसे अब आगे फॉरवर्ड कीजिये
अगर समाज का सुधार चाहते हो,पहले अपना सुधार कीजिये

आर के रस्तोगी

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 331 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ram Krishan Rastogi
View all
You may also like:
अब ये ना पूछना कि,
अब ये ना पूछना कि,
शेखर सिंह
मेरा प्रयास ही है, मेरा हथियार किसी चीज को पाने के लिए ।
मेरा प्रयास ही है, मेरा हथियार किसी चीज को पाने के लिए ।
Ashish shukla
जब साथ छोड़ दें अपने, तब क्या करें वो आदमी
जब साथ छोड़ दें अपने, तब क्या करें वो आदमी
gurudeenverma198
★महाराणा प्रताप★
★महाराणा प्रताप★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
बुझलहूँ आहाँ महान छी मुदा, रंगमंच पर फेसबुक मित्र छी!
बुझलहूँ आहाँ महान छी मुदा, रंगमंच पर फेसबुक मित्र छी!
DrLakshman Jha Parimal
■ प्रसंगवश....
■ प्रसंगवश....
*प्रणय प्रभात*
जिंदगी बोझ लगेगी फिर भी उठाएंगे
जिंदगी बोझ लगेगी फिर भी उठाएंगे
पूर्वार्थ
वक्त
वक्त
Jogendar singh
मेरी सच्चाई को बकवास समझती है
मेरी सच्चाई को बकवास समझती है
Keshav kishor Kumar
"हाशिया"
Dr. Kishan tandon kranti
भूत अउर सोखा
भूत अउर सोखा
आकाश महेशपुरी
*नंगा चालीसा* #रमेशराज
*नंगा चालीसा* #रमेशराज
कवि रमेशराज
रक्षा -बंधन
रक्षा -बंधन
Swami Ganganiya
Love life
Love life
Buddha Prakash
वक्त नहीं
वक्त नहीं
Vandna Thakur
श्याम-राधा घनाक्षरी
श्याम-राधा घनाक्षरी
Suryakant Dwivedi
आवाज़ ज़रूरी नहीं,
आवाज़ ज़रूरी नहीं,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
रंग जीवन के
रंग जीवन के
kumar Deepak "Mani"
चौमासे में मरें या वर्षा का इंतजार करें ,
चौमासे में मरें या वर्षा का इंतजार करें ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
गुलाब
गुलाब
Satyaveer vaishnav
जुदाई
जुदाई
Dipak Kumar "Girja"
माँ को अर्पित कुछ दोहे. . . .
माँ को अर्पित कुछ दोहे. . . .
sushil sarna
तेरा इश्क मेरे दिल की दवा है।
तेरा इश्क मेरे दिल की दवा है।
Rj Anand Prajapati
धीरे धीरे उन यादों को,
धीरे धीरे उन यादों को,
Vivek Pandey
11. *सत्य की खोज*
11. *सत्य की खोज*
Dr .Shweta sood 'Madhu'
खुशियों का बीमा
खुशियों का बीमा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
सार्थकता
सार्थकता
Neerja Sharma
कर सकता नहीं ईश्वर भी, माँ की ममता से समता।
कर सकता नहीं ईश्वर भी, माँ की ममता से समता।
डॉ.सीमा अग्रवाल
यूं टूट कर बिखरी पड़ी थी तन्हाईयां मेरी,
यूं टूट कर बिखरी पड़ी थी तन्हाईयां मेरी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
*कहाँ साँस लेने की फुर्सत, दिनभर दौड़ लगाती माँ 【 गीत 】*
*कहाँ साँस लेने की फुर्सत, दिनभर दौड़ लगाती माँ 【 गीत 】*
Ravi Prakash
Loading...