Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Oct 2018 · 1 min read

माँ (खड़ी हूँ मैं बुलंदी पर मगर आधार तुम हो माँ)

खड़ी हूँ मैं बुलंदी पर मगर आधार तुम हो माँ
मेरी पूरी कहानी का प्रमुख किरदार तुम हो माँ

मुसीबत से बचाती है तुम्हारी हर दुआ मुझको
मेरा मन्दिर मेरी पूजा मेरा संसार तुम हो माँ

तुम्हीं ने टेढ़ी मेढ़ी राहों पे भी चलना सिखलाया
मेरा हर स्वप्न करना चाहती साकार तुम हो माँ

गलत क्या है सही क्या है मुझे पल पल बताती हो
मेरी इस ज़िंदगी को देती भी आकार तुम हो माँ

थपेड़े वक़्त के मुझको तुम्हीं सहना सिखाती हो
पकड़ कर हाथ मुश्किल से कराती पार तुम हो माँ

कोई भी हो नहीं सकता है तुम जैसा जमाने में
भुलाया जा नहीं सकता वो पहला प्यार तुम हो माँ

गले लग कर तुम्हारे ‘अर्चना’ गम भूल जाती है
मुझे रब से मिला अनमोल सा उपहार तुम हो माँ

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

12 Likes · 14 Comments · 837 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
मोहब्बत बनी आफत
मोहब्बत बनी आफत
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
स्वच्छंद प्रेम
स्वच्छंद प्रेम
Dr Parveen Thakur
चाहता है जो
चाहता है जो
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
जगत कंटक बिच भी अपनी वाह है |
जगत कंटक बिच भी अपनी वाह है |
Pt. Brajesh Kumar Nayak
💐प्रेम कौतुक-241💐
💐प्रेम कौतुक-241💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
उन वीर सपूतों को
उन वीर सपूतों को
gurudeenverma198
"धीरे-धीरे"
Dr. Kishan tandon kranti
कोरे कागज़ पर
कोरे कागज़ पर
हिमांशु Kulshrestha
चांदनी रातों में
चांदनी रातों में
Surinder blackpen
प्यार/प्रेम की कोई एकमत परिभाषा कतई नहीं हो सकती।
प्यार/प्रेम की कोई एकमत परिभाषा कतई नहीं हो सकती।
Dr MusafiR BaithA
जलियांवाला बाग काण्ड शहीदों को श्रद्धांजलि
जलियांवाला बाग काण्ड शहीदों को श्रद्धांजलि
Mohan Pandey
#justareminderekabodhbalak
#justareminderekabodhbalak
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*अगर दूसरे आपके जीवन की सुंदरता को मापते हैं तो उसके मापदंड
*अगर दूसरे आपके जीवन की सुंदरता को मापते हैं तो उसके मापदंड
Seema Verma
सीरिया रानी
सीरिया रानी
Dr. Mulla Adam Ali
कितना बदल रहे हैं हम
कितना बदल रहे हैं हम
Dr fauzia Naseem shad
जिस काम से आत्मा की तुष्टी होती है,
जिस काम से आत्मा की तुष्टी होती है,
Neelam Sharma
गद्य के संदर्भ में क्या छिपा है
गद्य के संदर्भ में क्या छिपा है
Shweta Soni
2899.*पूर्णिका*
2899.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
■ नीतिगत सच...
■ नीतिगत सच...
*Author प्रणय प्रभात*
*अनार*
*अनार*
Ravi Prakash
गुलों पर छा गई है फिर नई रंगत
गुलों पर छा गई है फिर नई रंगत "कश्यप"।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
मुलाक़ातें ज़रूरी हैं
मुलाक़ातें ज़रूरी हैं
Shivkumar Bilagrami
जिंदगी को रोशन करने के लिए
जिंदगी को रोशन करने के लिए
Ragini Kumari
!! चहक़ सको तो !!
!! चहक़ सको तो !!
Chunnu Lal Gupta
पल भर फासला है
पल भर फासला है
Ansh
नई शुरावत नई कहानियां बन जाएगी
नई शुरावत नई कहानियां बन जाएगी
पूर्वार्थ
हम दो अंजाने
हम दो अंजाने
Kavita Chouhan
चिलचिलाती धूप में निकल कर आ गए
चिलचिलाती धूप में निकल कर आ गए
कवि दीपक बवेजा
जीभ
जीभ
विजय कुमार अग्रवाल
समझदार बेवकूफ़
समझदार बेवकूफ़
Shyam Sundar Subramanian
Loading...