Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Apr 2024 · 1 min read

माँ दुर्गा मुझे अपना सहारा दो

माँ दुर्गा मुझे अपना सहारा दो,
भय से मुझको मुक्त करो।
विपदा-तूफ़ानों से मुझे बचा लो,
रक्षा करो मेरे साथ रहो।।

माँ दुर्गा मुझे संकटों से उभारो,
जीवन की मेरे डोर संभालो।
साहस और शक्ति से भर दो,
डूबती नैया मेरी पार लगा दो।।

माँ दुर्गा मुझपे कृपा बरसाओ,
सब दुखों को मेरे दूर करो।
खुशियों से मुझे सरोबार कर दो,
जीवन में उजियाला भर दो।।

माँ दुर्गा अपनी शरण में ले लो,
सच्चा सुख ये मुझको दे दो।
डर को मेरे सब दूर करो,
हर पीड़ा को तुम मेरी हर लो।।

माँ दुर्गा शब्दों में शुचिता ला दो,
वाणी में मिठास को भर दो।
अंदर भक्ति भाव जगा दो,
मन की मेरी अरदास को सुन लो।।

– सुमन मीना (अदिति)
लेखिका एवं साहित्यकार

1 Like · 59 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मुखड़े पर खिलती रहे, स्नेह भरी मुस्कान।
मुखड़े पर खिलती रहे, स्नेह भरी मुस्कान।
surenderpal vaidya
सत्य क्या है ?
सत्य क्या है ?
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
तन पर तन के रंग का,
तन पर तन के रंग का,
sushil sarna
विश्व सिंधु की अविरल लहरों पर
विश्व सिंधु की अविरल लहरों पर
Neelam Sharma
फितरत की बातें
फितरत की बातें
Mahendra Narayan
*सवाल*
*सवाल*
Naushaba Suriya
#नज़्म / ■ दिल का रिश्ता
#नज़्म / ■ दिल का रिश्ता
*प्रणय प्रभात*
* मायने शहर के *
* मायने शहर के *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कमली हुई तेरे प्यार की
कमली हुई तेरे प्यार की
Swami Ganganiya
रात का रक्स जारी है
रात का रक्स जारी है
हिमांशु Kulshrestha
कई मौसम गुज़र गये तेरे इंतज़ार में।
कई मौसम गुज़र गये तेरे इंतज़ार में।
Phool gufran
Please Help Me...
Please Help Me...
Srishty Bansal
६४बां बसंत
६४बां बसंत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मगरूर क्यों हैं
मगरूर क्यों हैं
Mamta Rani
అమ్మా దుర్గా
అమ్మా దుర్గా
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
बहुत दिनों के बाद उनसे मुलाकात हुई।
बहुत दिनों के बाद उनसे मुलाकात हुई।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
हमने माना अभी
हमने माना अभी
Dr fauzia Naseem shad
कम्बखत वक्त
कम्बखत वक्त
Aman Sinha
श्याम-राधा घनाक्षरी
श्याम-राधा घनाक्षरी
Suryakant Dwivedi
"कहाँ ठिकाना होगा?"
Dr. Kishan tandon kranti
बारिश की बूंदों ने।
बारिश की बूंदों ने।
Taj Mohammad
बादल छाये,  नील  गगन में
बादल छाये, नील गगन में
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
वसन्त का स्वागत है vasant kaa swagat hai
वसन्त का स्वागत है vasant kaa swagat hai
Mohan Pandey
भीगी पलकें( कविता)
भीगी पलकें( कविता)
Monika Yadav (Rachina)
हाइकु शतक (हाइकु संग्रह)
हाइकु शतक (हाइकु संग्रह)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
जय जय हिन्दी
जय जय हिन्दी
gurudeenverma198
जीवन है चलने का नाम
जीवन है चलने का नाम
Ram Krishan Rastogi
*मिलता सोफे का बड़ा, उसको केवल पास (कुंडलिया)*
*मिलता सोफे का बड़ा, उसको केवल पास (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
उम्मीद रखते हैं
उम्मीद रखते हैं
Dhriti Mishra
Loading...