माँँ की महिमा

कविता, गीत, ग़ज़ल, रूबाई,
सबने माँँ की महिमा गाई।

जल सा है माँँ का मन निर्मल।
जलसा है माँँ से घर हर पल।
हर रँग में रँग जाती है माँँ,
जल से बन जाता ज्‍यों शतदल।
माँँ गंगाजल, माँँ तुलसीदल,
माँँ गुुलाबजल, माँँ है संदल।

जल-थल-नभ क्‍या गहरी खाई,
माँँ की कभी नहीं हद पाई।

कविता, गीत, ग़ज़ल, रूबाई,
सबने माँँ की महिमा गाई।

माँँ फूलों में बगिया जैसी।
रंगों में केसरिया जैसी।
माँँ भोजन में दलिया जैसी।
माँँ गीतों में रसिया जैसी।
माँँ वीरा,माँँ धी,माँँ बहना।
माँँ अनमोल जड़ी, माँँ गहना

रूप स्‍वरूप धरे जब-जब भी,
दूध-दही-मक्‍खन सी पाई।

कविता, गीत, ग़ज़ल, रूबाई,
सबने माँँ की महिमा गाई।

147 Views
You may also like:
मारुति वंदन
Vishnu Prasad 'panchotiya'
💐प्रेम की राह पर-24💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जागीर
सूर्यकांत द्विवेदी
पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!
मनोज कर्ण
एक दिन यह समझ आना है।
Taj Mohammad
कोई तो हद होगी।
Taj Mohammad
मां तो मां होती है ( मातृ दिवस पर विशेष)
ओनिका सेतिया 'अनु '
रुक जा रे पवन रुक जा ।
Buddha Prakash
Little sister
Buddha Prakash
"शौर्य"
Lohit Tamta
तुम ख़्वाबों की बात करते हो।
Taj Mohammad
विश्व मजदूर दिवस पर दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
✍️🌺प्रेम की राह पर-46🌺✍️
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हे कुंठे ! तू न गई कभी मन से...
ओनिका सेतिया 'अनु '
पिता
Dr. Kishan Karigar
अँधेरा बन के बैठा है
आकाश महेशपुरी
नियत मे पर्दा
Vikas Sharma'Shivaaya'
ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
आपस में तुम मिलकर रहना
Krishan Singh
प्रार्थना(कविता)
श्रीहर्ष आचार्य
पिता हैं धरती का भगवान।
Vindhya Prakash Mishra
पहाड़ों की रानी
Shailendra Aseem
भ्राजक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
पिता का पता
श्री रमण
"एक यार था मेरा"
Lohit Tamta
वृक्ष थे छायादार पिताजी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बेटी का संदेश
Anamika Singh
अनमोल घड़ी
Prabhudayal Raniwal
** तक़दीर की रेखाएँ **
Dr. Alpa H.
वो कली मासूम
सूर्यकांत द्विवेदी
Loading...