Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Apr 2024 · 1 min read

मसला सिर्फ जुबान का हैं,

मसला सिर्फ जुबान का हैं,
कोई जुबां पे टिकते नहीं, कोई जुबां से हटते नहीं।

1 Like · 46 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मन का जादू
मन का जादू
Otteri Selvakumar
ॐ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
हवाओं से कह दो, न तूफ़ान लाएं
हवाओं से कह दो, न तूफ़ान लाएं
Neelofar Khan
चाटुकारिता
चाटुकारिता
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
कमी नहीं
कमी नहीं
Dr fauzia Naseem shad
कर्म-धर्म
कर्म-धर्म
चक्षिमा भारद्वाज"खुशी"
तुमको हक है जिंदगी अपनी जी लो खुशी से
तुमको हक है जिंदगी अपनी जी लो खुशी से
VINOD CHAUHAN
वीरबन्धु सरहस-जोधाई
वीरबन्धु सरहस-जोधाई
Dr. Kishan tandon kranti
फटा ब्लाउज ....लघु कथा
फटा ब्लाउज ....लघु कथा
sushil sarna
कुछ कहमुकरियाँ....
कुछ कहमुकरियाँ....
डॉ.सीमा अग्रवाल
बाबा मुझे पढ़ने दो ना।
बाबा मुझे पढ़ने दो ना।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
विशेष दिन (महिला दिवस पर)
विशेष दिन (महिला दिवस पर)
Kanchan Khanna
पूर्वोत्तर का दर्द ( कहानी संग्रह) समीक्षा
पूर्वोत्तर का दर्द ( कहानी संग्रह) समीक्षा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जुगाड़
जुगाड़
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कई युगों के बाद - दीपक नीलपदम्
कई युगों के बाद - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
Agar tum Ladka hoti to Khush Rah paati kya?....
Agar tum Ladka hoti to Khush Rah paati kya?....
HEBA
मययस्सर रात है रोशन
मययस्सर रात है रोशन
कवि दीपक बवेजा
श्री गणेश भगवान की जन्म कथा
श्री गणेश भगवान की जन्म कथा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
* इस धरा को *
* इस धरा को *
surenderpal vaidya
माँ मेरी जादूगर थी,
माँ मेरी जादूगर थी,
Shweta Soni
"मनुज बलि नहीं होत है - होत समय बलवान ! भिल्लन लूटी गोपिका - वही अर्जुन वही बाण ! "
Atul "Krishn"
2672.*पूर्णिका*
2672.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हिंदू कौन?
हिंदू कौन?
Sanjay ' शून्य'
ଷଡ ରିପୁ
ଷଡ ରିପୁ
Bidyadhar Mantry
*चॉंदी के बर्तन सदा, सुख के है भंडार (कुंडलिया)*
*चॉंदी के बर्तन सदा, सुख के है भंडार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दिल को लगाया है ,तुझसे सनम ,   रहेंगे जुदा ना ,ना  बिछुड़ेंगे
दिल को लगाया है ,तुझसे सनम , रहेंगे जुदा ना ,ना बिछुड़ेंगे
DrLakshman Jha Parimal
जीवन के दिन चार थे, तीन हुआ बेकार।
जीवन के दिन चार थे, तीन हुआ बेकार।
Manoj Mahato
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
#लघुकथा
#लघुकथा
*प्रणय प्रभात*
Them: Binge social media
Them: Binge social media
पूर्वार्थ
Loading...