Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jun 2023 · 1 min read

मशीन कलाकार

कलात्मक रंगों से ,

सजा था ,एक अहाता।

अचानक वहां

बन गया

तकनीक से पोषित

रोबोट से संचालित

दफ्तर ।

कलाकार अब

मजदूर बने थे

बोले , अब हम पुराने और

घिसे पिटे हैं

अब छांट- छंटकर

दिहाडी़ में

पत्थर तोड़ने वाले बने हैं ।

उफ, एक पारंपरिक कला होती थी

रंगो को ब्रश में डुबोकर

डूबे रहते थे यहां

चित्रकार,

जब तकनीक ने

उड़ा दिया मखौल।

दस्तकारी और कारोबार के

नये

उस्तादों ने

कैसे

बदल दिया माहौल ।

3 Likes · 149 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Harish Chandra Pande
View all
You may also like:
कोई इतना नहीं बलवान
कोई इतना नहीं बलवान
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मुझे कल्पनाओं से हटाकर मेरा नाता सच्चाई से जोड़ता है,
मुझे कल्पनाओं से हटाकर मेरा नाता सच्चाई से जोड़ता है,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
फितरत
फितरत
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
वस्रों से सुशोभित करते तन को, पर चरित्र की शोभा रास ना आये।
वस्रों से सुशोभित करते तन को, पर चरित्र की शोभा रास ना आये।
Manisha Manjari
भीनी भीनी आ रही सुवास है।
भीनी भीनी आ रही सुवास है।
Omee Bhargava
आँखें
आँखें
लक्ष्मी सिंह
*क्या देखते हो *
*क्या देखते हो *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हैं राम आये अवध  में  पावन  हुआ  यह  देश  है
हैं राम आये अवध में पावन हुआ यह देश है
Anil Mishra Prahari
ख़ामोशी जो पढ़ सके,
ख़ामोशी जो पढ़ सके,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
क्षितिज
क्षितिज
Dhriti Mishra
मकानों में रख लिया
मकानों में रख लिया
abhishek rajak
गुरूर चाँद का
गुरूर चाँद का
Satish Srijan
*बारात में पगड़ी बॅंधवाने का आनंद*
*बारात में पगड़ी बॅंधवाने का आनंद*
Ravi Prakash
3460🌷 *पूर्णिका* 🌷
3460🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
अनुभव
अनुभव
Dr. Pradeep Kumar Sharma
-- मैं --
-- मैं --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
तारे हैं आसमां में हजारों हजार दोस्त।
तारे हैं आसमां में हजारों हजार दोस्त।
सत्य कुमार प्रेमी
देव दीपावली
देव दीपावली
Vedha Singh
सिलसिला रात का
सिलसिला रात का
Surinder blackpen
साथ
साथ
Dr fauzia Naseem shad
हमें तो देखो उस अंधेरी रात का भी इंतजार होता है
हमें तो देखो उस अंधेरी रात का भी इंतजार होता है
VINOD CHAUHAN
खुश होगा आंधकार भी एक दिन,
खुश होगा आंधकार भी एक दिन,
goutam shaw
मौन के प्रतिमान
मौन के प्रतिमान
Davina Amar Thakral
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-152से चुने हुए श्रेष्ठ दोहे
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-152से चुने हुए श्रेष्ठ दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
“मैं सब कुछ सुनकर भी
“मैं सब कुछ सुनकर भी
गुमनाम 'बाबा'
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
■ हास्यप्रदV सच
■ हास्यप्रदV सच
*Author प्रणय प्रभात*
फागुनी धूप, बसंती झोंके
फागुनी धूप, बसंती झोंके
Shweta Soni
बाबू जी की याद बहुत ही आती है
बाबू जी की याद बहुत ही आती है
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
Loading...