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22 May 2023 · 1 min read

मन

मन तू इतना जज़्बाती क्यूं है
तूने इस दर्द को पकड़ा क्यूं है
कोई तेरी बात सुने या अनसुनी कर दे
तुझे उम्मीदों की इतनी चाह क्यूं है
तू तो बच्चा था,जब से मेरे साथ है
अब तुझे मुझसे बगावत क्यूं है
तू समझदार है,जानती हूं मैं
पर तेरी अपनों को परखने की आदत क्यूं है
हम हमेशा साथ है, साथ रहेंगे
तू चुप हो जा, हम भी शिकवा न करेगें
हम एक है, फिर ये शिकायत क्यूं है।

Language: Hindi
209 Views
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