Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2024 · 1 min read

” मन भी लगे बवाली “

गीत

समय फिसलता बालू जैसा ,
हम देते हैं ताली !
घड़ी , प्रहर , रात – दिन , बीते ,
हाथ सदा हैं खाली !!

नियति से सब बंधे हुए हैं ,
हाथ कर्म की रेखा !
यहाँ वही सब घटता है जो ,
रहा सदा अनचीता !
यहाँ बहारें बाँधें मौसम ,
हम करते रखवाली !!

अपने हाथ यही केवल है ,
करे प्रबंधन ऐसा !
समय यहाँ रह जाए चकित सा ,
परिवर्तन हो ऐसा !
महका दें हम गुलशन सारा ,
फूल खिले हर डाली !!

समय पलों में गिरह लगाता ,
कभी गिरह है खोले !
उँगली पर है हमें नचाता ,
हँसता होले होले !
हम हो जाते तनिक बावरे ,
मन भी लगे बवाली !!

टिक टिक करती कभी घड़ी है ,
कभी रहे चुप चुप सी !
समय गति को कौन बांधता ,
बहती एक लहर सी !
चेत रहे हैं हम भी थोड़े ,
बनते नहीं सवाली !!

स्वरचित / रचियता :
बृज व्यास
शाजापुर ( मध्यप्रदेश )

Language: Hindi
3 Likes · 1 Comment · 136 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
प्रेम
प्रेम
Mamta Rani
शब्दों का झंझावत🙏
शब्दों का झंझावत🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
********* हो गया चाँद बासी ********
********* हो गया चाँद बासी ********
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
*Flying Charms*
*Flying Charms*
Poonam Matia
ठीक है
ठीक है
Neeraj Agarwal
कभी उलझन,
कभी उलझन,
हिमांशु Kulshrestha
मंगल मूरत
मंगल मूरत
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
ख़ुद से ख़ुद को
ख़ुद से ख़ुद को
Akash Yadav
शब्द
शब्द
Sûrëkhâ
R J Meditation Centre, Darbhanga
R J Meditation Centre, Darbhanga
Ravikesh Jha
*जिंदगी के अनोखे रंग*
*जिंदगी के अनोखे रंग*
Harminder Kaur
2816. *पूर्णिका*
2816. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मन हर्षित है अनुरागमयी,इठलाए मौसम साथ कई।
मन हर्षित है अनुरागमयी,इठलाए मौसम साथ कई।
पूर्वार्थ
फ़ानी
फ़ानी
Shyam Sundar Subramanian
*दर्शन शुल्क*
*दर्शन शुल्क*
Dhirendra Singh
इबादत
इबादत
Dr.Priya Soni Khare
#दोहा
#दोहा
*प्रणय प्रभात*
नज़र में मेरी तुम
नज़र में मेरी तुम
Dr fauzia Naseem shad
हे महादेव
हे महादेव
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
यह तो हम है जो कि, तारीफ तुम्हारी करते हैं
यह तो हम है जो कि, तारीफ तुम्हारी करते हैं
gurudeenverma198
"चुल्लू भर पानी"
Dr. Kishan tandon kranti
मैं उसकी निग़हबानी का ऐसा शिकार हूँ
मैं उसकी निग़हबानी का ऐसा शिकार हूँ
Shweta Soni
Dilemmas can sometimes be as perfect as perfectly you dwell
Dilemmas can sometimes be as perfect as perfectly you dwell
Sukoon
सब बिकाऊ है
सब बिकाऊ है
Dr Mukesh 'Aseemit'
हम हिंदुस्तानियों की पहचान है हिंदी।
हम हिंदुस्तानियों की पहचान है हिंदी।
Ujjwal kumar
*जिसका सुंदर स्वास्थ्य जगत में, केवल वह धनवान है (हिंदी गजल)
*जिसका सुंदर स्वास्थ्य जगत में, केवल वह धनवान है (हिंदी गजल)
Ravi Prakash
Mere papa
Mere papa
Aisha Mohan
युवा है हम
युवा है हम
Pratibha Pandey
ये मानसिकता हा गलत आये के मोर ददा बबा मन‌ साग भाजी बेचत रहिन
ये मानसिकता हा गलत आये के मोर ददा बबा मन‌ साग भाजी बेचत रहिन
PK Pappu Patel
मैंने चांद से पूछा चहरे पर ये धब्बे क्यों।
मैंने चांद से पूछा चहरे पर ये धब्बे क्यों।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...