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2 Sep 2021 · 1 min read

मत्तगयंद सवैया ( राखी )

रक्षाबंधन की अनंतानंत हार्दिक शुभकामनाएँ,
सभी बहनों को मेरा प्रणाम पहुंचे।
______________________________________________
आप सभी को रक्षाबंधन के इस पावन पवित्र उत्सव का उरतल की गहराइयों से हार्दिक बधाई
______________________________________________
रेशम डोर लिए बहना मम, पावन नेह लुटावन आई।
गावत सावन गीत सुहावन,चंदन माथ लगावन आई।
बाधत प्रेम पुनीत सहोदर, नेहिल गंग बहावन आई।
देत दुआ मुख मिष्ट भरे अरु, प्रेमिल पर्व मनावन आई।।

✍️ पं.संजीव शुक्ल ‘सचिन’

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