Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Jun 2016 · 1 min read

मगरमच्छ

मोटे-ताजे-रसीले व्यंजनों के शौकीन,
एक मगरमच्छ का दिल,
एक नेताजी पर,
मचल गया था l
नेताजी का स्वास्थ्य,
उसे रास आ़या,
इसलिये वह उन्हें,
पूरा का पूरा,
निगल गया था l
परन्तु, निगलते ही,
उसका शरीर भीतर से,
बुरी तरह उबल गया l
नेताजी की नेतागिरी,
पचा न पाया,
इसलिये उन्हें,
जीवित ही,
वापस बाहर उगल दिया l

(सर्वाधिकार सुरक्षित)

– राजीव ‘प्रखर’
मुरादाबाद (उ. प्र.)
मो. 8941912642

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 233 Views
You may also like:
हाय गर्मी!
Manoj Kumar Sain
छंद:-अनंगशेखर(वर्णिक)
संजीव शुक्ल 'सचिन'
जीवनदाता वृक्ष
AMRESH KUMAR VERMA
वात्सल्य का शजर
सिद्धार्थ गोरखपुरी
✍️गुमसुम सी रातें ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
लघुकथा- उम्मीद की किरण
Akib Javed
भोरे
spshukla09179
हो बेखबर अंजान तो अंजान ही रहो।
Taj Mohammad
✍️चार कदम जिंदगी✍️
'अशांत' शेखर
अब और नहीं सोचो
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
गुजरात माडल ध्वस्त
Shekhar Chandra Mitra
वर्तमान से वक्त बचा लो तुम निज के निर्माण में...
AJAY AMITABH SUMAN
शब्दों को गुनगुनाने दें
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
सोच की निर्बलता
Dr fauzia Naseem shad
दोहा में लय, समकल -विषमकल, दग्धाक्षर , जगण पर विचार...
Subhash Singhai
खंडहर में अब खोज रहे ।
Buddha Prakash
परख लो रास्ते को तुम.....
अश्क चिरैयाकोटी
अब तो सूर्योदय है।
Varun Singh Gautam
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग८]
Anamika Singh
तितली
लक्ष्मी सिंह
ओ जानें ज़ाना !
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
ऋतु
Alok Saxena
"शौर्यम..दक्षम..युध्धेय, बलिदान परम धर्मा" अर्थात- बहादुरी वह है जो आपको...
Lohit Tamta
हरियाणी गाना(एक साखी दूसरी सखी को अपनी व्यथा सुनाती है।
Surjeet Kumar
उड़ जाएगा एक दिन पंछी, धुआं धुआं हो जाएगा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हायकु मुक्तक-पिता
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
" बहू और बेटी "
Dr Meenu Poonia
विभाजन की पीड़ा
ओनिका सेतिया 'अनु '
*बहुत याद आएंगे श्री शौकत अली खाँ एडवोकेट*
Ravi Prakash
Love song
श्याम सिंह बिष्ट
Loading...