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26 Jul 2023 · 1 min read

बैर भाव के ताप में,जलते जो भी लोग।

बैर भाव के ताप में,जलते जो भी लोग।
जीवन होता नर्क तत,रहता दुख से योग।।

ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम

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