Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Oct 2023 · 1 min read

बुजुर्ग कहीं नहीं जाते …( पितृ पक्ष अमावस्या विशेष )

घर के बुजुर्ग कहीं नहीं जाते ,
उनका बस जिस्म खत्म होता है ।
मगर आत्मिक रूप से रह जाते ,
अभिलाषाओं में उनका निवास होता है ।
घर की दरो दीवार पर हैं होते ,
उनकी हाथों और उंगलियों का निशान होता है ।
यह घर जो कभी उनका आवास था,
अब उनकी यादों का बसेरा होता है ।
अपनी संतान को अपनी थाती के साथ साथ आशीष और दुयायें ,संस्कार ,आदर्श ,
इत्यादि का खजाना हैं सौंपते ।
महसूस करो तो उनका एहसास छुएगा,
कभी आहों में कभी आंसुओं में ,
याद उनकी जब जब आएगी ।
और प्रेरणा ,ताकत ,शिक्षा ,अपने अनुभव ,यह तमाम चीजें राह दिखाएंगी,
मुश्किल वक्त में हर घड़ी ।
वास्तव में घर के बुजुर्ग कहीं नहीं जाते ,
वो रह जाते हैं अपने परिवार के बीच ,
कभी किसी भाई की सूरत में पिता ,
कभी बहन की मूरत में मां ।
कभी आवाज़ में ,कभी अंदाज में ,
आदतों में,विचारों और भावनाओं में।
अक्सर मिल जाया करते हैं।
छोड़कर अपने दुनिया के झमेले,
इकठ्ठे बैठकर देखो !परिवार जानो !
तुम्हारे बड़े बुजुर्ग कहीं नहीं गए ,
वो तुम्हें प्रति पल है निहारते ।
और प्रसन्न होकर दुयाऐं हैं देते ।
बुजुर्ग कहीं नहीं जाते ।
वो हमारे बीच ही होते हैं ।

Language: Hindi
346 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from ओनिका सेतिया 'अनु '
View all
You may also like:
।।  अपनी ही कीमत।।
।। अपनी ही कीमत।।
Madhu Mundhra Mull
अहसान का दे रहा हूं सिला
अहसान का दे रहा हूं सिला
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
लिखे क्या हुजूर, तारीफ में हम
लिखे क्या हुजूर, तारीफ में हम
gurudeenverma198
आँखों से भी मतांतर का एहसास होता है , पास रहकर भी विभेदों का
आँखों से भी मतांतर का एहसास होता है , पास रहकर भी विभेदों का
DrLakshman Jha Parimal
झील के ठहरे पानी में,
झील के ठहरे पानी में,
Satish Srijan
हिंदी
हिंदी
Mamta Rani
*मेला (बाल कविता)*
*मेला (बाल कविता)*
Ravi Prakash
Don't let people who have given up on your dreams lead you a
Don't let people who have given up on your dreams lead you a
पूर्वार्थ
लेख-भौतिकवाद, प्रकृतवाद और हमारी महत्वाकांक्षएँ
लेख-भौतिकवाद, प्रकृतवाद और हमारी महत्वाकांक्षएँ
Shyam Pandey
कैसे- कैसे नींद में,
कैसे- कैसे नींद में,
sushil sarna
फायदा उठाया है उसने अपने पद का
फायदा उठाया है उसने अपने पद का
कवि दीपक बवेजा
प्राण-प्रतिष्ठा(अयोध्या राम मन्दिर)
प्राण-प्रतिष्ठा(अयोध्या राम मन्दिर)
लक्ष्मी सिंह
चुप्पी और गुस्से का वर्णभेद / MUSAFIR BAITHA
चुप्पी और गुस्से का वर्णभेद / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
इश्क़ जब बेहिसाब होता है
इश्क़ जब बेहिसाब होता है
SHAMA PARVEEN
जय माता दी -
जय माता दी -
Raju Gajbhiye
इस मुस्कुराते चेहरे की सुर्ख रंगत पर न जा,
इस मुस्कुराते चेहरे की सुर्ख रंगत पर न जा,
डी. के. निवातिया
उर्दू वर्किंग जर्नलिस्ट का पहला राष्ट्रिय सम्मेलन हुआ आयोजित।
उर्दू वर्किंग जर्नलिस्ट का पहला राष्ट्रिय सम्मेलन हुआ आयोजित।
Shakil Alam
माँ
माँ
ओंकार मिश्र
आत्म  चिंतन करो दोस्तों,देश का नेता अच्छा हो
आत्म चिंतन करो दोस्तों,देश का नेता अच्छा हो
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
चेतावनी हिमालय की
चेतावनी हिमालय की
Dr.Pratibha Prakash
💐प्रेम कौतुक-240💐
💐प्रेम कौतुक-240💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
धरातल की दशा से मुंह मोड़
धरातल की दशा से मुंह मोड़
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
#डॉअरुणकुमारशास्त्री
#डॉअरुणकुमारशास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
तुम      चुप    रहो    तो  मैं  कुछ  बोलूँ
तुम चुप रहो तो मैं कुछ बोलूँ
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
23/66.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/66.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
खुदा की हर बात सही
खुदा की हर बात सही
Harminder Kaur
जब से देखा है तुमको
जब से देखा है तुमको
Ram Krishan Rastogi
आगाह
आगाह
Shyam Sundar Subramanian
माया
माया
Sanjay ' शून्य'
"वचन देती हूँ"
Ekta chitrangini
Loading...