Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Nov 2022 · 1 min read

बाल विवाह

हतप्रभ खड़ा देखता मैं
इन बादलों के घेरे को,
नाचते गाते आमोद से
आते सलिल की बारात को

जाने किसे ब्याहने को
आश्रा की ज्योति बन
अरुण्य की बूंदे लिए
किस बाबुल के आंगन
मेघ आए बरसने को

देखू भी उस अमोदनी को
प्रेरणा की उस रोशनी को
साजो श्रृंगार में रत होगी
अपर्णा सी विभूषित होगी
मेघों की वर्षा से मिलकर
अवनी कितनी तृप्त होगी

इन्द्र्वज्र से बादल गरजे
खग विहग पशु सब चौंके
आशा आह्राद बहाने को
उर्यानी कुरूप राक्षस बनकर
मेघ आए अब और निखर

क्या बोध इस बाला को
भारी बोझ इन श्रृंगारॊ में
वर्षा की मधुर फुहारों में
उल्लास भरे बचपन को
छलने आए ये निठूर मेघ

इस बाला को ठगने को
नए वेश और परिधानों में
सलिल नही क्या विष लेकर
क्यों छलने आए हो वरीधर

ओ मेरी नन्हीं चिड़िया
ओ मेरी प्यारी बिटिया
आते इन पिचासो को
तू कैसे पहचानेगी!

माली जब सींच ना सकता था
स्नेह प्यार ना दे सकता था
किस हक से कली ले आया
जब रिक्त नही थी बगिया में

घनघोर घटाओ के घेरे ने
ढकी भोर की पहली किरण
जो अभी तो चली थी
तिमिर को मिटाने,
जो अभी तो चली थी
सोए शकुन्तॊ को जगाने
जो अभी तो चली थी
गहन के वृक्षों को उठाने

अपने अंगना और बागिया में,
फैलने दो इन किरणों को
छटने दो मेघों को
महकने को कुमुदनी को

मत छीनो ये हर्षो उलाश
मत छीनो यह बचपन,
शिक्षा और प्यार l

9 Likes · 382 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
प्रार्थना के स्वर
प्रार्थना के स्वर
Suryakant Dwivedi
सावनी श्यामल घटाएं
सावनी श्यामल घटाएं
surenderpal vaidya
पतंग
पतंग
अलका 'भारती'
रोना भी जरूरी है
रोना भी जरूरी है
Surinder blackpen
निराली है तेरी छवि हे कन्हाई
निराली है तेरी छवि हे कन्हाई
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
रखिए गीला तौलिया, मुखमंडल के पास (कुंडलिया)
रखिए गीला तौलिया, मुखमंडल के पास (कुंडलिया)
Ravi Prakash
महाकवि नीरज के बहाने (संस्मरण)
महाकवि नीरज के बहाने (संस्मरण)
Kanchan Khanna
"औरत”
Dr Meenu Poonia
तुझसा कोई प्यारा नहीं
तुझसा कोई प्यारा नहीं
Mamta Rani
2591.पूर्णिका
2591.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
कुदरत के रंग.....एक सच
कुदरत के रंग.....एक सच
Neeraj Agarwal
तुलनात्मक अध्ययन एक अपराध-बोध
तुलनात्मक अध्ययन एक अपराध-बोध
Mahender Singh
राजनीति की नई चौधराहट में घोसी में सभी सिर्फ़ पिछड़ों की बात
राजनीति की नई चौधराहट में घोसी में सभी सिर्फ़ पिछड़ों की बात
Anand Kumar
"फितूर"
Dr. Kishan tandon kranti
समझौता
समझौता
Dr.Priya Soni Khare
ग़ज़ल
ग़ज़ल
प्रीतम श्रावस्तवी
ये संगम दिलों का इबादत हो जैसे
ये संगम दिलों का इबादत हो जैसे
VINOD CHAUHAN
इत्तिफ़ाक़न मिला नहीं होता।
इत्तिफ़ाक़न मिला नहीं होता।
सत्य कुमार प्रेमी
21वीं सदी के सपने (पुरस्कृत निबंध) / मुसाफिर बैठा
21वीं सदी के सपने (पुरस्कृत निबंध) / मुसाफिर बैठा
Dr MusafiR BaithA
माँ वाणी की वन्दना
माँ वाणी की वन्दना
Prakash Chandra
वसंत पंचमी की शुभकामनाएं ।
वसंत पंचमी की शुभकामनाएं ।
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
दोहा पंचक. . .
दोहा पंचक. . .
sushil sarna
वृद्धाश्रम इस समस्या का
वृद्धाश्रम इस समस्या का
Dr fauzia Naseem shad
*अपवित्रता का दाग (मुक्तक)*
*अपवित्रता का दाग (मुक्तक)*
Rambali Mishra
भगतसिंह की जवानी
भगतसिंह की जवानी
Shekhar Chandra Mitra
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
सदा बढ़ता है,वह 'नायक' अमल बन ताज ठुकराता।
सदा बढ़ता है,वह 'नायक' अमल बन ताज ठुकराता।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
पड़े विनय को सीखना,
पड़े विनय को सीखना,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
ज़िंदगी मेरी दर्द की सुनामी बनकर उभरी है
ज़िंदगी मेरी दर्द की सुनामी बनकर उभरी है
Bhupendra Rawat
💐प्रेम कौतुक-500💐
💐प्रेम कौतुक-500💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...