Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Jul 2022 · 1 min read

बादल का रौद्र रूप

मैने तो देखा सदा धरती के प्रति बादल का प्यार,
कभी नहीं देखा था ऐसा रौद्र रूप ऐसा व्यवहार ।
लेकर आता था अंक में भरकर बारिश की बूंदें ,
धरती आल्हादित होती थी अपनी पलकें मूंदे।
लहलहाने लगती थी उसकी धानी चुनरिया ,
आसमान की जब वोह खोलता था केवड़िया।
धरती के खिलखिलाते चेहरे को देख प्रसन्न होता था,
धरती के प्रति उसका सारा प्यार उमड़ पड़ता था।
रूठ भी जाता था कभी मगर मनुहार से मान जाता,
मगर इतना क्रोध तो वो पहले कभी नही करता था।
फिर अचानक ऐसा क्या हो गया जो क्रोधित हो गया,
सौम्य रूप से अचानक प्रलय रूप वो हो गया ।
वर्षा की गगरी भरकर तो लाया था सदा की तरह ,
परंतु क्यों सहसा फट पड़ा ज्वालामुखी की तरह।
शीतल नन्ही कोमल बूंदें बन बैठी गर्म तपती ज्वाला,
जिसने जीव जंतु ,खेल खलिहान ,मनुष्यों को निगल डाला।
एक प्रलयंकारी बाढ़ थी जो सब कुछ तबाह कर गई,
बादल की क्रोध अग्नि एक विनाश लीला मचा गई।

Language: Hindi
1 Like · 2 Comments · 252 Views

Books from ओनिका सेतिया 'अनु '

You may also like:
एक दिया ऐसा हूँ मैं...
एक दिया ऐसा हूँ मैं...
मनोज कर्ण
~~बस यूँ ही~~
~~बस यूँ ही~~
Dr Manju Saini
बदलाव
बदलाव
Shyam Sundar Subramanian
I sit at dark to bright up in the sky 😍 by sakshi
I sit at dark to bright up in the sky 😍 by sakshi
Sakshi Tripathi
*मेरी इच्छा*
*मेरी इच्छा*
Dushyant Kumar
■ आज_की_बड़ी_उपलब्धि
■ आज_की_बड़ी_उपलब्धि
*Author प्रणय प्रभात*
★जब वो रूठ कर हमसे कतराने लगे★
★जब वो रूठ कर हमसे कतराने लगे★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
सच और हकीकत
सच और हकीकत
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
वो बचपन था
वो बचपन था
Satish Srijan
सिद्धार्थ बुद्ध की करुणा
सिद्धार्थ बुद्ध की करुणा
Buddha Prakash
शहीद -ए -आजम भगत सिंह
शहीद -ए -आजम भगत सिंह
Rj Anand Prajapati
"मेरे किसान बंधु चौकड़िया'
Ms.Ankit Halke jha
ग़ज़ल
ग़ज़ल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
स्वागत है नवजात भतीजे
स्वागत है नवजात भतीजे
Pooja srijan
इश्क़ और इंक़लाब
इश्क़ और इंक़लाब
Shekhar Chandra Mitra
*बहुत ज्यादा न सुख की चाह, हे भगवन मुझे देना 【मुक्तक 】*
*बहुत ज्यादा न सुख की चाह, हे भगवन मुझे देना 【मुक्तक 】*
Ravi Prakash
रूह का भी निखार है
रूह का भी निखार है
Dr fauzia Naseem shad
तुम मेरे बादल हो, मै तुम्हारी काली घटा हूं
तुम मेरे बादल हो, मै तुम्हारी काली घटा हूं
Ram Krishan Rastogi
नारी वो…जो..
नारी वो…जो..
Rekha Drolia
धनमद
धनमद
Sanjay
अज़ाँ दिलों की मसाजिद में हो रही है 'अनीस'
अज़ाँ दिलों की मसाजिद में हो रही है 'अनीस'
Anis Shah
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
श्री रमण 'श्रीपद्'
पत्नी
पत्नी
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
2320.पूर्णिका
2320.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
इतना बवाल मचाएं हो के ये मेरा हिंदुस्थान है
इतना बवाल मचाएं हो के ये मेरा हिंदुस्थान है
'अशांत' शेखर
💐प्रेम कौतुक-310💐
💐प्रेम कौतुक-310💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
अब भी दुनिया का सबसे कठिन विषय
अब भी दुनिया का सबसे कठिन विषय "प्रेम" ही है
DEVESH KUMAR PANDEY
ढूंढता हूँ उसे मैं मगर मिल नहीं पाता हूँ
ढूंढता हूँ उसे मैं मगर मिल नहीं पाता हूँ
VINOD KUMAR CHAUHAN
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
*जिंदगी के अनुभवों से एक बात सीख ली है कि ईश्वर से उम्मीद लग
*जिंदगी के अनुभवों से एक बात सीख ली है कि ईश्वर से उम्मीद लग
Shashi kala vyas
Loading...