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14 Jul 2022 · 1 min read

बरखा रानी तू कयामत है …

हम तेरा करते हैं बहुत ,
तुझे प्यार भी करते है बहुत ।

तेरे दीदार के लिए ए जालिम!,
इंतजार करते है पूरे साल बहुत ।

तेरी फुहारों में भीगेंगे ,मस्ती करेंगे ,
जब तू पुरे जोश से बरसेगी बहुत ।

चाय ,पकोड़े और फिर तेरा साथ ,
भीगे मौसम में आता है मजा बहुत ।

मगर पहले तो तू जल्दी आती नही ,
आती है गर एक तूफान मचाती है बहुत ।

आते ही तेरे घरों की बिजली गुल हो जाती है ,
और फिर कई घंटों तड़पाती है यह बहुत ।

सड़कों और नालियों का फर्क मिट जाता है ,
जब तू घटाटोप बरसती है लगातार बहुत ।

पूरा का पूरा शहर डूब जाता है पानी में ,
बाढ़ जैसे हालात बन जाते है बहुत ।

कहीं बिजली गिरती,कहीं बादल फटते,
ओले पड़ने से फसलें बर्बाद होती बहुत ।

कहीं लोग तेरे संग आनंद मना रहे होते ,
तो कहीं कई जीवन तबाह हो जाते बहुत ।

तुम्हारा क्रोध देखकर तो यूं लगता है ,
जैसे तुम कोई खुन्नस निकाल रही हो बहुत ।

लो! ले लो मजा मेरे मौसम का अच्छी तरह से ,
इंतजार कर रहे थे ना तुम मेरा बहुत ।

अरे बरखा रानी !हम तेरे मोहक रूप पर मरते है ,
अपना कयामत का रूप ना दिखा तू बहुत ।

हमारी तुझसे प्रार्थना है बरखा रानी !
तू मन चाहे सरकार के कुव्यवस्था की पोल खोल ले,
मगर गरीबों / बेसहारों पर तो रहम कर बहुत ।

Language: Hindi
2 Likes · 4 Comments · 454 Views
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