Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Feb 2023 · 1 min read

बम से दुश्मन मार गिराए( बाल कविता )

बम से दुश्मन मार गिराए( बाल कविता )
********************************
यह देखो जहाज यह उड़ता
दुश्मन की सीमा में मुड़ता
बम से दुश्मन मार गिराए
फिर जहाज वापस घर आए
दुश्मन बोला दे दो पानी
याद आ गई मुझको नानी
—————————————————
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर( उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

204 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
एक गुनगुनी धूप
एक गुनगुनी धूप
Saraswati Bajpai
जिंदगी में सिर्फ हम ,
जिंदगी में सिर्फ हम ,
Neeraj Agarwal
यह कैसी खामोशी है
यह कैसी खामोशी है
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
कांग्रेस के नेताओं ने ही किया ‘तिलक’ का विरोध
कांग्रेस के नेताओं ने ही किया ‘तिलक’ का विरोध
कवि रमेशराज
सत्य तत्व है जीवन का खोज
सत्य तत्व है जीवन का खोज
Buddha Prakash
****तन्हाई मार गई****
****तन्हाई मार गई****
Kavita Chouhan
अगर प्यार करना गुनाह है,
अगर प्यार करना गुनाह है,
Dr. Man Mohan Krishna
Quote
Quote
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
■ आज की बात...
■ आज की बात...
*Author प्रणय प्रभात*
*मोर पंख* ( 12 of 25 )
*मोर पंख* ( 12 of 25 )
Kshma Urmila
जय माँ कालरात्रि 🙏
जय माँ कालरात्रि 🙏
डॉ.सीमा अग्रवाल
नागिन
नागिन
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
मैं जाटव हूं और अपने समाज और जाटवो का समर्थक हूं किसी अन्य स
मैं जाटव हूं और अपने समाज और जाटवो का समर्थक हूं किसी अन्य स
शेखर सिंह
सत्याग्रह और उग्रता
सत्याग्रह और उग्रता
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
*देश भक्ति देश प्रेम*
*देश भक्ति देश प्रेम*
Harminder Kaur
ये मन रंगीन से बिल्कुल सफेद हो गया।
ये मन रंगीन से बिल्कुल सफेद हो गया।
Dr. ADITYA BHARTI
फूल सूखी डाल पर  खिलते  नहीं  कचनार  के
फूल सूखी डाल पर खिलते नहीं कचनार के
Anil Mishra Prahari
जी.आज़ाद मुसाफिर भाई
जी.आज़ाद मुसाफिर भाई
gurudeenverma198
अब समन्दर को सुखाना चाहते हैं लोग
अब समन्दर को सुखाना चाहते हैं लोग
Shivkumar Bilagrami
नए मुहावरे का चाँद
नए मुहावरे का चाँद
Dr MusafiR BaithA
डॉ अरुण कुमार शास्त्री /एक अबोध बालक
डॉ अरुण कुमार शास्त्री /एक अबोध बालक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
💐प्रेम कौतुक-528💐
💐प्रेम कौतुक-528💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
स्वार्थ
स्वार्थ
Sushil chauhan
ए जिंदगी….
ए जिंदगी….
Dr Manju Saini
शीर्षक – वह दूब सी
शीर्षक – वह दूब सी
Manju sagar
ये आकांक्षाओं की श्रृंखला।
ये आकांक्षाओं की श्रृंखला।
Manisha Manjari
जब तक प्रश्न को तुम ठीक से समझ नहीं पाओगे तब तक तुम्हारी बुद
जब तक प्रश्न को तुम ठीक से समझ नहीं पाओगे तब तक तुम्हारी बुद
Rj Anand Prajapati
*कहीं जन्म की खुशियॉं हैं, तो कहीं मौत का गम है (हिंदी गजल ग
*कहीं जन्म की खुशियॉं हैं, तो कहीं मौत का गम है (हिंदी गजल ग
Ravi Prakash
मन अपने बसाओ तो
मन अपने बसाओ तो
surenderpal vaidya
फितरत
फितरत
Anujeet Iqbal
Loading...