Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Sep 2023 · 1 min read

बढ़ना होगा

बढ़ना होगा

बढ़ना होगा
छोटी सोच छोटी अभिलाषा से।
करना होगा अथक परिश्रम
स्थिति,परिस्थिति,निराशा से

सक्षम हो मानव रूप में
पशु नहीं तुम कोई।
पक्षी का साहस देखो
हर उड़ान में मिलों तय की।

भीख माँगकर
देवों को बदनाम ना करो
हो तुम विधाता
बस कुछ काम करो

छोड़ना होगा
पैतृक संपत्ति और आशा को
दृढ़ संकल्प कर्मठ बन कर
जगाना होगा हृदय में जिज्ञासा को

चढ़ना होगा
दलदल, कीचड़ ,भ्रम से।
बढ़ना होगा”इन्द्र”
सूरज की ओर श्रम से।

सुरेश अजगल्ले “इन्द्र”
खरौद

Language: Hindi
191 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
प्रेम के नाम पर मर मिटने वालों की बातें सुनकर हंसी आता है, स
प्रेम के नाम पर मर मिटने वालों की बातें सुनकर हंसी आता है, स
पूर्वार्थ
झूठी हमदर्दियां
झूठी हमदर्दियां
Surinder blackpen
डॉ. नगेन्द्र की दृष्टि में कविता
डॉ. नगेन्द्र की दृष्टि में कविता
कवि रमेशराज
हर परिवार है तंग
हर परिवार है तंग
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"औषधि"
Dr. Kishan tandon kranti
दीवारों में दीवारे न देख
दीवारों में दीवारे न देख
Dr. Sunita Singh
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ३)
सुनो पहाड़ की....!!! (भाग - ३)
Kanchan Khanna
खुदकुशी से पहले
खुदकुशी से पहले
Shekhar Chandra Mitra
या तो लाल होगा या उजले में लपेटे जाओगे
या तो लाल होगा या उजले में लपेटे जाओगे
Keshav kishor Kumar
Hajipur
Hajipur
Hajipur
“सुरक्षा में चूक” (संस्मरण-फौजी दर्पण)
“सुरक्षा में चूक” (संस्मरण-फौजी दर्पण)
DrLakshman Jha Parimal
तुम्हें भूल नहीं सकता कभी
तुम्हें भूल नहीं सकता कभी
gurudeenverma198
जमाना जीतने की ख्वाइश नहीं है मेरी!
जमाना जीतने की ख्वाइश नहीं है मेरी!
Vishal babu (vishu)
चंद्रयान-3 / (समकालीन कविता)
चंद्रयान-3 / (समकालीन कविता)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ज़िंदगी के फ़लसफ़े
ज़िंदगी के फ़लसफ़े
Shyam Sundar Subramanian
दोस्ती
दोस्ती
Neeraj Agarwal
रिशतों का उचित मुल्य 🌹🌹❤️🙏❤️
रिशतों का उचित मुल्य 🌹🌹❤️🙏❤️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मेरा लड्डू गोपाल
मेरा लड्डू गोपाल
MEENU
मेरी बेटी मेरी सहेली
मेरी बेटी मेरी सहेली
लक्ष्मी सिंह
कामनाओं का चक्र व्यूह
कामनाओं का चक्र व्यूह
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
सविनय अभिनंदन करता हूॅं हिंदुस्तानी बेटी का
सविनय अभिनंदन करता हूॅं हिंदुस्तानी बेटी का
महेश चन्द्र त्रिपाठी
■ ये भी खूब रही....!!
■ ये भी खूब रही....!!
*Author प्रणय प्रभात*
मक्खनबाजी में सदा , रहो बंधु निष्णात (कुंडलिया)
मक्खनबाजी में सदा , रहो बंधु निष्णात (कुंडलिया)
Ravi Prakash
3268.*पूर्णिका*
3268.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
💐प्रेम कौतुक-527💐
💐प्रेम कौतुक-527💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
न मिलती कुछ तवज्जो है, न होता मान सीधे का।
न मिलती कुछ तवज्जो है, न होता मान सीधे का।
डॉ.सीमा अग्रवाल
सम्राट कृष्णदेव राय
सम्राट कृष्णदेव राय
Ajay Shekhavat
बहुत खूबसूरत सुबह हो गई है।
बहुत खूबसूरत सुबह हो गई है।
surenderpal vaidya
सुरक्षा कवच
सुरक्षा कवच
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...