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13 May 2018 · 1 min read

फैसलों में फासले हो ही जाते है !

कुलहड़ की चाय.
फूहड़ की चाल .
मकड़ी का जाल .
कचहड़ी की चाल.
उम्र बीत जाती है .
फैसले मृत्यु के बाद .
जनता सुनती है .

कभी काफिरों ने .
घोटाले किये है .
नाम बदलते रहते है .
नियत वही रहती है ।।
डॉ महेंद्र

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 237 Views
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