Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 May 2022 · 1 min read

फेसबुक की दुनिया

बहुत नींद आ रही है
फिर भी सोना नहीं चाहते
दो पल भी फेसबुक से
ओझल होना नहीं चाहते
छूट जायेगा जाने क्या
कुछ भी समझना नहीं चाहते
डिजिटल दुनिया से जाने
वो बाहर क्यों आना नहीं चाहते
डालकर नई नई तस्वीरें अपनी
उसे ही निहारते रहते है वो
फेसबुक पर कितने लाइक मिले
बस यही गिनते रहते है वो
जबसे डाली है झूलने वाली रील उसने
कॉमेंट पढ़ पढ़कर खुश हो रहा है वो
चिंता नहीं है उसको, जीवन का
कितना अनमोल समय खो रहा है वो
अब चमत्कार कैसे हुआ
जो फेसबुक बंद कर दिया
ओह!अब व्हाट्सएप पर
उसको मैसेज जो आ गया।

Language: Hindi
8 Likes · 1 Comment · 619 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
View all
You may also like:
■ भय का कारोबार...
■ भय का कारोबार...
*Author प्रणय प्रभात*
संगत
संगत
Sandeep Pande
रमेशराज के मौसमविशेष के बालगीत
रमेशराज के मौसमविशेष के बालगीत
कवि रमेशराज
हाय.
हाय.
Vishal babu (vishu)
2908.*पूर्णिका*
2908.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
न रोजी न रोटी, हैं जीने के लाले।
न रोजी न रोटी, हैं जीने के लाले।
सत्य कुमार प्रेमी
दिल तेरी राहों के
दिल तेरी राहों के
Dr fauzia Naseem shad
पीने -पिलाने की आदत तो डालो
पीने -पिलाने की आदत तो डालो
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मैं भी चुनाव लड़ूँगा (हास्य कविता)
मैं भी चुनाव लड़ूँगा (हास्य कविता)
Dr. Kishan Karigar
तुम्हें भूल नहीं सकता कभी
तुम्हें भूल नहीं सकता कभी
gurudeenverma198
नारी अस्मिता
नारी अस्मिता
Shyam Sundar Subramanian
प्यार का नाम मेरे दिल से मिटाया तूने।
प्यार का नाम मेरे दिल से मिटाया तूने।
Phool gufran
.......*तु खुदकी खोज में निकल* ......
.......*तु खुदकी खोज में निकल* ......
Naushaba Suriya
#संबंधों_की_उधड़ी_परतें, #उरतल_से_धिक्कार_रहीं !!
#संबंधों_की_उधड़ी_परतें, #उरतल_से_धिक्कार_रहीं !!
संजीव शुक्ल 'सचिन'
Everyone enjoys being acknowledged and appreciated. Sometime
Everyone enjoys being acknowledged and appreciated. Sometime
पूर्वार्थ
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
माँ की एक कोर में छप्पन का भोग🍓🍌🍎🍏
माँ की एक कोर में छप्पन का भोग🍓🍌🍎🍏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
तेरा फिक्र
तेरा फिक्र
Basant Bhagawan Roy
-अपनी कैसे चलातें
-अपनी कैसे चलातें
Seema gupta,Alwar
आप और हम
आप और हम
Neeraj Agarwal
माँ मुझे विश्राम दे
माँ मुझे विश्राम दे
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
*ट्रस्टीशिप : सनातन वैराग्य दर्शन का कालजयी विचार*
*ट्रस्टीशिप : सनातन वैराग्य दर्शन का कालजयी विचार*
Ravi Prakash
लोग आते हैं दिल के अंदर मसीहा बनकर
लोग आते हैं दिल के अंदर मसीहा बनकर
कवि दीपक बवेजा
ना प्रेम मिल सका ना दोस्ती मुकम्मल हुई...
ना प्रेम मिल सका ना दोस्ती मुकम्मल हुई...
Keshav kishor Kumar
लम्हों की तितलियाँ
लम्हों की तितलियाँ
Karishma Shah
अपने वीर जवान
अपने वीर जवान
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
सहन करो या दफन करो
सहन करो या दफन करो
goutam shaw
प्रतीक्षा
प्रतीक्षा
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
श्री राम! मैं तुमको क्या कहूं...?
श्री राम! मैं तुमको क्या कहूं...?
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
"अमीर खुसरो"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...