Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Apr 29, 2022 · 1 min read

फरिश्ता से

दुआ कर लो कबूल
दो ना ये दर्द का शूल
मुद्दतों से पड़ी हूं।
अब तक अपने से ही लड़ी हूं।
गुनाहगार ना होकर भी सजा पाते हैं।
इश्क की दास्तान हमेशा नया पाते है।
मेरे दिल की ख्वाहिश सुनने वाले।
अपनी रज़ा देख पाते,
मेरे तकदीर में क्या है?
तु तो फरिश्ता है।
तेरा -मेरा ही गहरा रिश्ता है ।
कैसे कहूं तुझको
तेरे अब्र ( घटा ) से मुझकों राहत मिलती हैं।
मिलती है सच्चाई
ए दुनियाँदारी है।
खाक यहां कि हर सौगात हैं,
बस मिल जाती है जिसे इश्क तेरा
वो दुनिया में भी नायाब हैं।
– डॉ. सीमा कुमारी, बिहार, भागलपुर, दिनांक-29-4-022की मौलिक एवं स्वरचित रचना जिसे आज प्रकाशित कर रही हूं।

2 Likes · 141 Views
You may also like:
पिता की अभिलाषा
मनोज कर्ण
बाबा ब्याह ना देना,,,
Taj Mohammad
खड़ा बाँस का झुरमुट एक
Vishnu Prasad 'panchotiya'
गजल सी रचना
Kanchan Khanna
గురువు
Vijaykumar Gundal
हर हक़ीक़त को
Dr fauzia Naseem shad
नदी की अभिलाषा / (गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
लबों से बोलना बेकार है।
Taj Mohammad
संसर्ग मुझमें
Varun Singh Gautam
कविता 100 संग्रह
श्याम सिंह बिष्ट
माँ
आकाश महेशपुरी
“ स्वप्न मे भेंट भेलीह “ मिथिला माय “
DrLakshman Jha Parimal
सृजन कर्ता है पिता।
Taj Mohammad
भूख
Varun Singh Gautam
पहली भारतीय महिला जासूस सरस्वती राजमणि जी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
गंगा माँ
Anamika Singh
*सारथी बनकर केशव आओ (भक्ति-गीत)*
Ravi Prakash
बीवी हो तो ऐसी... !!
Rakesh Bahanwal
आदत
Anamika Singh
नोटबंदी ने खुश कर दिया
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
शैशव की लयबद्ध तरंगे
Rashmi Sanjay
जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जल है जीवन में आधार
Mahender Singh Hans
सबूत
Dr.Priya Soni Khare
महाराष्ट्र की स्थिती
बिमल
मुझको सन्तुष्टि इसी में है
gurudeenverma198
भक्तिरेव गरीयसी
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
पलटू राम
AJAY AMITABH SUMAN
नित हारती सरलता है।
Saraswati Bajpai
कूड़े के ढेर में भी
Dr fauzia Naseem shad
Loading...