Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jun 2023 · 1 min read

प्रेम

प्रेम

प्रेम का न परिभाषा न अर्थ है।
प्रेम में दिखे न, कभी स्वार्थ है।
प्रेम ही तो, आधार है सृष्टि का;
बिन त्याग के तो, प्रेम व्यर्थ है।

प्रेम तो कारण है, सम्मान का।
हर सच्चे व झूठे, अरमान का।
निःस्वार्थ प्रेम बसे,इस जग में;
सिर्फ मात-पिता व संतान का।

जिसको नहीं, निज खून प्यारा।
दर-दर भटके वो,बनके बेचारा।
अकेलापन घेरे, निज जीवन में;
मिले न कभी उसे,कोई सहारा।

सौ में नब्बे प्रेम,स्वार्थ सिद्ध है।
प्रेमी-प्रेमिका, यों ही प्रसिद्ध है।
प्रेम तो है, बस मन की आशा;
ये आशा,होती न कभी वृद्ध है।
________________________

स्वरचित सह मौलिक;
✍️…… पंकज कर्ण
……………कटिहार।

Language: Hindi
437 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from पंकज कुमार कर्ण
View all
You may also like:
रिश्ते
रिश्ते
Sanjay ' शून्य'
.....*खुदसे जंग लढने लगा हूं*......
.....*खुदसे जंग लढने लगा हूं*......
Naushaba Suriya
అమ్మా తల్లి బతుకమ్మ
అమ్మా తల్లి బతుకమ్మ
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
खूबसूरत जिंदगी में
खूबसूरत जिंदगी में
Harminder Kaur
दोहे
दोहे
अशोक कुमार ढोरिया
23/05.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
23/05.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
Jeevan ke is chor pr, shanshon ke jor pr
Jeevan ke is chor pr, shanshon ke jor pr
Anu dubey
जय शिव शंकर ।
जय शिव शंकर ।
Anil Mishra Prahari
रंग अनेक है पर गुलाबी रंग मुझे बहुत भाता
रंग अनेक है पर गुलाबी रंग मुझे बहुत भाता
Seema gupta,Alwar
आदमी का मानसिक तनाव  इग्नोर किया जाता हैं और उसको ज्यादा तवज
आदमी का मानसिक तनाव इग्नोर किया जाता हैं और उसको ज्यादा तवज
पूर्वार्थ
शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा।
शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा।
Anil "Aadarsh"
सुबह की चाय है इश्क,
सुबह की चाय है इश्क,
Aniruddh Pandey
🧟☠️अमावस की रात☠️🧟
🧟☠️अमावस की रात☠️🧟
SPK Sachin Lodhi
*भारत माता के लिए , अनगिन हुए शहीद* (कुंडलिया)
*भारत माता के लिए , अनगिन हुए शहीद* (कुंडलिया)
Ravi Prakash
*माना के आज मुश्किल है पर वक्त ही तो है,,
*माना के आज मुश्किल है पर वक्त ही तो है,,
Vicky Purohit
गूँज उठा सर्व ब्रह्माण्ड में वंदेमातरम का नारा।
गूँज उठा सर्व ब्रह्माण्ड में वंदेमातरम का नारा।
Neelam Sharma
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"वक्त वक्त की बात"
Dr. Kishan tandon kranti
गुस्सा
गुस्सा
Sûrëkhâ Rãthí
इंसान में नैतिकता
इंसान में नैतिकता
Dr fauzia Naseem shad
क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (4)
क्या यह महज संयोग था या कुछ और.... (4)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
तूने ही मुझको जीने का आयाम दिया है
तूने ही मुझको जीने का आयाम दिया है
हरवंश हृदय
चंद ख्वाब मेरी आँखों के, चंद तसव्वुर तेरे हों।
चंद ख्वाब मेरी आँखों के, चंद तसव्वुर तेरे हों।
Shiva Awasthi
सनातन
सनातन
देवेंद्र प्रताप वर्मा 'विनीत'
वह नारी है
वह नारी है
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
* शुभ परिवर्तन *
* शुभ परिवर्तन *
surenderpal vaidya
पंडित मदनमोहन मालवीय
पंडित मदनमोहन मालवीय
नूरफातिमा खातून नूरी
हुई नैन की नैन से,
हुई नैन की नैन से,
sushil sarna
कड़वा बोलने वालो से सहद नहीं बिकता
कड़वा बोलने वालो से सहद नहीं बिकता
Ranjeet kumar patre
#अद्भुत_प्रसंग
#अद्भुत_प्रसंग
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...