Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Oct 2022 · 2 min read

प्रिय आदर्श शिक्षक

शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभ कामनाएँ

विधा – कविता
शीर्षक – मेरें आदर्श शिक्षक

“जीवन में उम्मीदें हैं, सफलता अभी बाकी हैं।
मेरें शीश पर हैं, आशीष आपका यही मुझें काफी हैं।

सूना था मन कोरे थे सपनें, आप आए इस कदर आत्मविश्वास हैं भरने ।
जीवन की वे सभी राह बदल गईं जब आए आप ईश्वर की तरह मार्गदर्शन हैं करने।।
गुरु तो यूं जीवन में होते ही हैं, सबके अपने ।
मगर खुशनसीब हूं, मैं जो आप हैं मेरें अपने ।।

मधुर है जिनका व्यवहार,मीठी हैं जिनकी वाणी।
मां शारदे की हैं कृपा जिन पर, वे ज्ञान के हैं बड़े दानी।।

धैर्य, सकारात्मकता और आत्मविश्वास का पाठ जिन्हें पढ़ाया ।
आज हैं आपके ही सीखे अनुशासन और संस्कारों से जीवन को आगे बढ़ाया।।

आप का हैं जो स्नेह भाव और समर्पण की भावना।
ऐसे गुरु के चरणों में सदैव यूहीं करता रहूं अराधना।।

भाव थे कुछ ऐसे की भावनाएं समझ ही नहीं पाईं।
शब्द कहां से लाएं हम, जीवन में समझ ही आपसे आईं।।

मां शारदे की अनुकंपा और आपका आशीष यहीं हमारी मन्नत थी।
जीवन हो जाएं धन्य हमारा दोनों का संगम ही तो हमारी जन्नत थी।।
आप हैं ज्ञान के सागर, सागर से गहरे ज्ञानी।
ईश्वर को हमने ना देखा बस कहीं आपकी मानी।।

मन प्रफुल्लित और पुलकित हो गया है आंखें इस कदर भर आती हैं।
खुशी भी हैं, संयम भी हैं, आप हैं, आदर्श मेरें जिनसे
सदैव साहस और उम्मीदें जग जाती हैं।। ”

आपका शुभाशीष सदा मेरें शीश पर बना रहें।।
आपको शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं अशेष शुभकामनाएँ ।।

नाम – लोकेश शर्मा
खेड़ली, अलवर, राजस्थान

Language: Hindi
267 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
शिक्षक दिवस
शिक्षक दिवस
विजय कुमार अग्रवाल
जब दूसरो को आगे बड़ता देख
जब दूसरो को आगे बड़ता देख
Jay Dewangan
ज़िंदगी की ज़रूरत के
ज़िंदगी की ज़रूरत के
Dr fauzia Naseem shad
सच्चे रिश्ते वही होते है जहा  साथ खड़े रहने का
सच्चे रिश्ते वही होते है जहा साथ खड़े रहने का
पूर्वार्थ
23/03.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
23/03.छत्तीसगढ़ी पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
*हिंदी दिवस*
*हिंदी दिवस*
Atul Mishra
ज़रा-सी बात चुभ जाये,  तो नाते टूट जाते हैं
ज़रा-सी बात चुभ जाये, तो नाते टूट जाते हैं
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
#परिहास-
#परिहास-
*प्रणय प्रभात*
"तलाशिए"
Dr. Kishan tandon kranti
दया समता समर्पण त्याग के आदर्श रघुनंदन।
दया समता समर्पण त्याग के आदर्श रघुनंदन।
जगदीश शर्मा सहज
।। मतदान करो ।।
।। मतदान करो ।।
Shivkumar barman
गणेश जी का हैप्पी बर्थ डे
गणेश जी का हैप्पी बर्थ डे
Dr. Pradeep Kumar Sharma
संज्ञा
संज्ञा
पंकज कुमार कर्ण
यदि आप नंगे है ,
यदि आप नंगे है ,
शेखर सिंह
खिचड़ी
खिचड़ी
Satish Srijan
जीवन संध्या में
जीवन संध्या में
Shweta Soni
एक कवि की कविता ही पूजा, यहाँ अपने देव को पाया
एक कवि की कविता ही पूजा, यहाँ अपने देव को पाया
Dr.Pratibha Prakash
बेशक़ कमियाँ मुझमें निकाल
बेशक़ कमियाँ मुझमें निकाल
सिद्धार्थ गोरखपुरी
सब छोड़ कर चले गए हमें दरकिनार कर के यहां
सब छोड़ कर चले गए हमें दरकिनार कर के यहां
VINOD CHAUHAN
विद्यार्थी जीवन
विद्यार्थी जीवन
Santosh kumar Miri
बुंदेली दोहे- कीचर (कीचड़)
बुंदेली दोहे- कीचर (कीचड़)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
अपनों के अपनेपन का अहसास
अपनों के अपनेपन का अहसास
Harminder Kaur
"एक नज़्म लिख रहा हूँ"
Lohit Tamta
मान बुजुर्गों की भी बातें
मान बुजुर्गों की भी बातें
Chunnu Lal Gupta
मंगलमय कर दो प्रभो ,जटिल जगत की राह (कुंडलिया)
मंगलमय कर दो प्रभो ,जटिल जगत की राह (कुंडलिया)
Ravi Prakash
औरतें
औरतें
Neelam Sharma
ख्वाबों में मेरे इस तरह न आया करो
ख्वाबों में मेरे इस तरह न आया करो
Ram Krishan Rastogi
हर तीखे मोड़ पर मन में एक सुगबुगाहट सी होती है। न जाने क्यों
हर तीखे मोड़ पर मन में एक सुगबुगाहट सी होती है। न जाने क्यों
Guru Mishra
छल छल छलके आँख से,
छल छल छलके आँख से,
sushil sarna
सम्बन्ध वो नहीं जो रिक्तता को भरते हैं, सम्बन्ध वो जो शून्यत
सम्बन्ध वो नहीं जो रिक्तता को भरते हैं, सम्बन्ध वो जो शून्यत
ललकार भारद्वाज
Loading...