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26 May 2023 · 1 min read

जय श्री कृष्ण

राधे राधे बोल सको ना,तो बोलो जय श्री कृष्णा!
भक्ति भाव भूखे भगवन,दूर भगाएगे मृगतृष्णा!!
प्रेम समर्पण की अनुपम छवि,अपनी राधा प्यारी!
त्याग,तपस्या,कर्मयोग,भजते,अपने कृष्ण मुरारी !!
प्रेम-समर्पण कलियुग मैं,बस बीते युग की बात हुई!
कर्मपयोग का जीवन जी लो,वर्ना समझो घात हुई!!
संबंधों में भी प्रेम-समर्पण अब कहां बचे है बाकी?
भैंस उसी की रहे जिसके लाठी में दम है बाकी!!
उठो अर्जुन बन प्रत्यंचा फिर चढावो गांडीव की!
जय जय सनातन संस्कृति हनुमत औ सुग्रीव की!!

Language: Hindi
191 Views
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