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22 Jan 2024 · 1 min read

पलकों ने बहुत समझाया पर ये आंख नहीं मानी।

पलकों ने बहुत समझाया पर ये आंख नहीं मानी।
दिन तो हंसकर गुजारा हमने पर ये रात नहीं मानी।
बिस्तर की सलवट दे रहे थे गवाही गैर की।
हमने करवट बदली मगर दिल ने ये बात नही मानी।

RJ Anand Prajapati

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