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17 Feb 2024 · 1 min read

पढ़े साहित्य, रचें साहित्य

साहित्य समाज का दर्पण
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साहित्य प्रेरणा
साहित्य प्रयास
रचनाकारों का आभास
नित्य सतत अभ्यास।
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साहित्य की अनेक विधा
रहस्य लेखक की लेखनी में छिपा।
साहित्य क्रांति
मिटाता भ्रान्ति
पिरोकर शब्दों को साहित्यकार
साहित्य दे निराकार को आकार
काल ! आदि , भक्ति , रीति
आधुनिक , नव्योत्तर ।
पृथ्वीराज , चंदबरदाई , जायसी
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शुक्ल, प्रेमचंद का युग अद्यतन
पद्य – गद्य रूप साहित्य का
कहानी , काव्य सी अनेक विधा।
पढ़े साहित्य
रचें साहित्य
साहित्य जीवन का आधार
पाठको का आभार
रचे साहित्य ,पढ़े साहित्य
जुड़े साहित्य के साथ।।

✍संजय कुमार “सन्जू”

Language: Hindi
39 Views
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