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6 Apr 2024 · 1 min read

पड़ जाएँ मिरे जिस्म पे लाख़ आबले ‘अकबर’

पड़ जाएँ मिरे जिस्म पे लाख़ आबले ‘अकबर’

पढ़ कर जो कोई फूँक दे अप्रैल मई जून

—अकबर इलाहाबादी

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