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1 Jan 2024 · 1 min read

नारी तेरा रूप निराला

गाल गुलाबी नैन कजरा पतली करदी भौहें
नारी तेरा रूप निराला देख सब भौचक्के होए

गाल गुलाबी नैन कजरा पतली करदी भौहें
नथनी को गायब कर होंठ काले रंग के होए
खुले कैश चोटी कटी पतंग सा मुखडा होवे
नारी तेरा रूप निराला देख नर भौचक्के होए

साडी का पल्लू छोड़ फट्टी जिन्स बरमुंडा होवे
उच्चे उच्चे सैंडल देखो नाखून लम्बे चौड़े होए
द्रोपदी की खूनी प्रतिज्ञा कैश खोल कर रोये
नारी तेरा रूप निराला देख नर भौचक्के होए

नागिन सी काली लम्बी चोटी कमर पर होती
छम छम पायल बजती चूड़ी बिंदी से सजती
आँखों मे लाज घूंघट मे चाँद सा मुखडा होता
नारी तेरा यह रूप देख दुशासन कोई ना होता

गाल गुलाबी नैन कजरा पतली करदी भौहें
नारी तेरा रूप निराला देख सब भौचक्के होए

लीलाधर चौबिसा (अनिल)
चित्तौड़गढ़ 9829246588

Language: Hindi
131 Views
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