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12 Jun 2023 · 1 min read

नहीं हूं…

🖤मेरी खताओं से रूबरू करा दो मुझे ,
मैं अपने गुनाहों से वाक़िफ नहीं हूं ।🖤

🖤गुनहगारों को गवाह नहीं मिलते हैं ,
मैं अपने गुनाहों की वकील नहीं हूं ।।🖤

🖤जुर्म कोई किया नहीं मैंने ,
मैं मुजरिम शातिर नहीं हूं ।🖤

🖤दूजों को ज़िंदगी देने वाली मैं ,
मैं कोई कातिल नहीं हूं ।।🖤

🖤खुमारी है मुझे अच्छों का साथ देने में ,
मैं गुमराह करने के लायक नहीं हूं ।🖤

🖤बिन गलती किए और जानें ,
मैं किसी लग़्ज़िश से मुखातिब नहीं हूं ।।🖤

🖤कर दो पेश हर सबूत मेरे खिलाफ़ के ,
मैं गिरफ़्तारी के काबिल नहीं हूं ।🖤

🖤बेकसूरों को रिहा कराने वाली मैं ,
मैं किसी कसूर में शामिल नहीं हूं ।।🖤

✍️सृष्टि बंसल

Language: Hindi
1 Like · 105 Views
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