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28 Mar 2017 · 1 min read

🚩साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।

🚩
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।
नित वसंती हवाओं का अनुदान दे।

🧿
दिल तुम्हारा सदा ही सुहावन रहे।
मन अमलता ग्रहण कर के पावन रहे।
आतमा जागे, आनंद का भान दे।
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।

🧿
आपके पग सघन प्रेम-फूलों में हँस।
कह रहे विषधरों से सु चंदन हूँ डँस ।
मुग्ध हो खल फँसे, ऐसी मुस्कान दे।
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।

🧿
ज्ञानी आभा हृदय को प्रकाशित करे।
प्रेमी अंतकरण को सुभाषित करे ।
ईश तुमको भी वह दिव्य गुण-ज्ञान दे।
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे ।

🧿
डग तुम्हारी सघन राष्ट्र-पथ पर बढ़े।
मन के ऊपर सदा चेत-सूरज चढ़े।
जग के नायक क्षमाशीलता दान दे।
साल नूतन तुम्हे प्रेम-यश-मान दे।

🧿
दिल में निष्कामता शूरता-घाम हो।
लोकहित ज्ञानी मन,जागरण-धाम हो।
हर्षमय सद्मिलन का भी वरदान दे।
साल नूतन तुम्हें प्रेम-यश-मान दे।
—————————————-
पं बृजेश कुमार नायक

💙इस (उक्त)गीत को मेरी कृति”पं बृजेश कुमार नायक की चुनिंदा रचनाएं” के द्वितीय संस्करण के अनुसार परिष्कृत किया गया है।

💙उक्त रचना को “पं बृजेश कुमार नायक की चुनिंदा रचनाएं” कृति के द्वितीय संस्करण के पृष्ठ संख्या 19 एवं 20 पर पढ़ा जा सकता है।

💙”पं बृजेश कुमार नायक की चुनिंदा रचनाए” कृति का द्वितीय संस्करण अमेजोन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

पं बृजेश कुमार नायक

Language: Hindi
Tag: गीत
2 Likes · 1 Comment · 938 Views

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