Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Jul 2016 · 1 min read

नवविधा – ”वर्ण पिरामिड’

((((((****यह मेरी नवविधा है – ”वर्ण पिरामिड”****)))))
[इसमे प्रथम पंक्ति में -एक ; द्वितीय में -दो ; तृतीया में- तीन ; चतुर्थ में -चार; पंचम में -पांच; षष्ठम में- छः; और सप्तम में -सात वर्ण है,,, इसमें केवल पूर्ण वर्ण गिने जाते हैं ,,,,मात्राएँ या अर्द्ध -वर्ण नहीं गिने जाते ,,,यह केवल सात पंक्तियों की ही रचना है इसीलिए सूक्ष्म में अधिकतम कहना होता है ,,किन्ही दो पंक्तियों में तुकांत मिल जाये तो रचनामें सौंदर्य आ जाता है ] जैसे-

क्यूँ
वीर
सिपाही !
देते प्राण ,
बदलो नीति-
तुम कर्णाधारों ,
युद्ध धर्म स्वीकारो । … (1)

ये
वीर
सैनिक-
बलिदानी !
अरि का काल,
महा विकराल ,
होता प्रलयकारी ।… (2)

हे
कृष्ण
कर दो –
समाधान ,
भारत माँ को
दे दो परिधान
सद्भावों के कर्मों का ।… (३)

है
दीप –
नन्हा सा ,
तिमिर में-
बस तन्हा सा ,
शक्ति का द्योतक ,
प्रकाश प्रबोधक । … (४)

********सुरेशपाल वर्मा जसाला [दिल्ली]

Language: Hindi
2 Comments · 693 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
पिता !
पिता !
Kuldeep mishra (KD)
** गर्मी है पुरजोर **
** गर्मी है पुरजोर **
surenderpal vaidya
रक्त को उबाल दो
रक्त को उबाल दो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
■ हुडक्चुल्लू ..
■ हुडक्चुल्लू ..
*Author प्रणय प्रभात*
*यारा तुझमें रब दिखता है *
*यारा तुझमें रब दिखता है *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मन को आनंदित करे,
मन को आनंदित करे,
Rashmi Sanjay
होगे बहुत ज़हीन, सवालों से घिरोगे
होगे बहुत ज़हीन, सवालों से घिरोगे
Shweta Soni
प्यार या प्रतिशोध में
प्यार या प्रतिशोध में
Keshav kishor Kumar
💐प्रेम कौतुक-258💐
💐प्रेम कौतुक-258💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बादल और बरसात
बादल और बरसात
Neeraj Agarwal
कर्म परायण लोग कर्म भूल गए हैं
कर्म परायण लोग कर्म भूल गए हैं
प्रेमदास वसु सुरेखा
चकोर हूं मैं कभी चांद से मिला भी नहीं।
चकोर हूं मैं कभी चांद से मिला भी नहीं।
सत्य कुमार प्रेमी
ये मेरा स्वयं का विवेक है
ये मेरा स्वयं का विवेक है
शेखर सिंह
प्रेम एक्सप्रेस
प्रेम एक्सप्रेस
Rahul Singh
Ek ladki udas hoti hai
Ek ladki udas hoti hai
Sakshi Tripathi
सोच
सोच
Shyam Sundar Subramanian
इक झटका सा लगा आज,
इक झटका सा लगा आज,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
रमेशराज के हास्य बालगीत
रमेशराज के हास्य बालगीत
कवि रमेशराज
।।  अपनी ही कीमत।।
।। अपनी ही कीमत।।
Madhu Mundhra Mull
वक़्त का आईना
वक़्त का आईना
Shekhar Chandra Mitra
*जग में होता मान उसी का, पैसा जिसके पास है (हिंदी गजल)*
*जग में होता मान उसी का, पैसा जिसके पास है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
साथ जब चाहा था
साथ जब चाहा था
Ranjana Verma
हाथ छुडाकर क्यों गया तू,मेरी खता बता
हाथ छुडाकर क्यों गया तू,मेरी खता बता
डा गजैसिह कर्दम
कितना बदल रहे हैं हम ?
कितना बदल रहे हैं हम ?
Dr fauzia Naseem shad
गैरों से क्या गिला करूं है अपनों से गिला
गैरों से क्या गिला करूं है अपनों से गिला
Ajad Mandori
गुरु
गुरु
Kavita Chouhan
23/126.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/126.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सभी लालच लिए हँसते बुराई पर रुलाती है
सभी लालच लिए हँसते बुराई पर रुलाती है
आर.एस. 'प्रीतम'
ईमेल आपके मस्तिष्क की लिंक है और उस मोबाइल की हिस्ट्री आपके
ईमेल आपके मस्तिष्क की लिंक है और उस मोबाइल की हिस्ट्री आपके
Rj Anand Prajapati
खुद के व्यक्तिगत अस्तित्व को आर्थिक सामाजिक तौर पर मजबूत बना
खुद के व्यक्तिगत अस्तित्व को आर्थिक सामाजिक तौर पर मजबूत बना
पूर्वार्थ
Loading...