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1 Jul 2016 · 1 min read

नवविधा – ”वर्ण पिरामिड’

((((((****यह मेरी नवविधा है – ”वर्ण पिरामिड”****)))))
[इसमे प्रथम पंक्ति में -एक ; द्वितीय में -दो ; तृतीया में- तीन ; चतुर्थ में -चार; पंचम में -पांच; षष्ठम में- छः; और सप्तम में -सात वर्ण है,,, इसमें केवल पूर्ण वर्ण गिने जाते हैं ,,,,मात्राएँ या अर्द्ध -वर्ण नहीं गिने जाते ,,,यह केवल सात पंक्तियों की ही रचना है इसीलिए सूक्ष्म में अधिकतम कहना होता है ,,किन्ही दो पंक्तियों में तुकांत मिल जाये तो रचनामें सौंदर्य आ जाता है ] जैसे-

क्यूँ
वीर
सिपाही !
देते प्राण ,
बदलो नीति-
तुम कर्णाधारों ,
युद्ध धर्म स्वीकारो । … (1)

ये
वीर
सैनिक-
बलिदानी !
अरि का काल,
महा विकराल ,
होता प्रलयकारी ।… (2)

हे
कृष्ण
कर दो –
समाधान ,
भारत माँ को
दे दो परिधान
सद्भावों के कर्मों का ।… (३)

है
दीप –
नन्हा सा ,
तिमिर में-
बस तन्हा सा ,
शक्ति का द्योतक ,
प्रकाश प्रबोधक । … (४)

********सुरेशपाल वर्मा जसाला [दिल्ली]

Language: Hindi
Tag: कविता
2 Comments · 484 Views
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