Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jan 2024 · 1 min read

नटखट-चुलबुल चिड़िया।

इक थी नन्ही सी प्यारी सी ,
नटखट-चुलबुल चिड़िया।
घर -आंगन में फुदक-फुदक कर ,
करती ता-ता थैया।

तिनका-तिनका चुन कर लाती ,
फिर घोसला बनाती।
अपने पंखों को फहराकर ,
अटखेलियां दिखाती।
मेरे घर के चौखट पर वो ,
गीत सुनाती बढिया।
इक थी नन्ही सी प्यारी सी ,
नटखट-चुलबुल चिड़िया।

सुनती नहीं ज़रा भी मेरी ,
अपने मन की करती।
बार बार कमरे में आती ,
फुदक फुदक मन हरती।
छोटे -छोटे पंखों वाली ,
प्यारी सी गौरैया।
इक थी नन्ही सी प्यारी सी ,
नटखट-चुलबुल चिड़िया।

तिनका ढेर कहाँ से लाती ,
सोच के थे हैरान।
दादा जी तो उस चड़िया से ,
रहते थे परेशान।
उसके वजह से बंद रखते ,
वो दरवाजे खिड़कियाँ।
इक थी नन्ही सी प्यारी सी ,
नटखट-चुलबुल चिड़िया।

तभी अचानक बंद हो गया ,
उसका आना जाना।
तब मैंने मम्मी से पूछा ,
इसका राज बताना।
कहाँ गयी वो किधर गई वो ,
गई कौन सी दुनियाँ।
इक थी नन्ही सी प्यारी सी ,
नटखट-चुलबुल चिड़िया।

माँ गुमसुम सी खोई -खोई,
कुछ पल नभ को देखी।
फिर धीरे धीरे से बोली ,
कोई बात अनोखी।
विकट स्वार्थ भरा मनुज है ,
सुन लो मेरी गुड़िया।
इक थी नन्ही सी प्यारी सी ,
नटखट-चुलबुल चिड़िया।

मनुष्यों ने प्रदूषण नामक ,
बनाया इक दरिंदा।
जिसने छीना मुझसे मेरा ,
वो मासूम परिंदा।
इक थी नन्ही सी प्यारी सी ,
नटखट-चुलबुल चिड़िया।
घर -आंगन में फुदक-फुदक कर,
करती ता-ता थैया।
वेधा सिंह
कक्षा-5वीं

Language: Hindi
Tag: गीत
95 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Vedha Singh
View all
You may also like:
झुका के सर, खुदा की दर, तड़प के रो दिया मैने
झुका के सर, खुदा की दर, तड़प के रो दिया मैने
Kumar lalit
2820. *पूर्णिका*
2820. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
विषय :- काव्य के शब्द चुनाव पर |
विषय :- काव्य के शब्द चुनाव पर |
Sûrëkhâ
तर्जनी आक्षेेप कर रही विभा पर
तर्जनी आक्षेेप कर रही विभा पर
Suryakant Dwivedi
माँ दुर्गा मुझे अपना सहारा दो
माँ दुर्गा मुझे अपना सहारा दो
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
बुराइयां हैं बहुत आदमी के साथ
बुराइयां हैं बहुत आदमी के साथ
Shivkumar Bilagrami
माँ वो है जिसे
माँ वो है जिसे
shabina. Naaz
💐प्रेम कौतुक-548💐
💐प्रेम कौतुक-548💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हे🙏जगदीश्वर आ घरती पर🌹
हे🙏जगदीश्वर आ घरती पर🌹
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Keep yourself secret
Keep yourself secret
Sakshi Tripathi
प्रेम
प्रेम
Dr.Priya Soni Khare
#ग़ज़ल
#ग़ज़ल
*Author प्रणय प्रभात*
क्या हो, अगर कोई साथी न हो?
क्या हो, अगर कोई साथी न हो?
Vansh Agarwal
चलो...
चलो...
Srishty Bansal
*जितना आसान है*
*जितना आसान है*
नेताम आर सी
दिन आज आखिरी है, खत्म होते साल में
दिन आज आखिरी है, खत्म होते साल में
gurudeenverma198
प्यार की दिव्यता
प्यार की दिव्यता
Seema gupta,Alwar
रिश्ते
रिश्ते
Mamta Rani
// दोहा पहेली //
// दोहा पहेली //
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सच में कितना प्यारा था, मेरे नानी का घर...
सच में कितना प्यारा था, मेरे नानी का घर...
Anand Kumar
एक तो गोरे-गोरे हाथ,
एक तो गोरे-गोरे हाथ,
SURYA PRAKASH SHARMA
*घर-घर में अब चाय है, दिनभर दिखती आम (कुंडलिया)*
*घर-घर में अब चाय है, दिनभर दिखती आम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
भेद नहीं ये प्रकृति करती
भेद नहीं ये प्रकृति करती
Buddha Prakash
"फिर"
Dr. Kishan tandon kranti
आवाज़
आवाज़
Adha Deshwal
जमाने की नजरों में ही रंजीश-ए-हालात है,
जमाने की नजरों में ही रंजीश-ए-हालात है,
manjula chauhan
सेहत या स्वाद
सेहत या स्वाद
विजय कुमार अग्रवाल
मत बांटो इंसान को
मत बांटो इंसान को
विमला महरिया मौज
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
रिश्तों की बंदिशों में।
रिश्तों की बंदिशों में।
Taj Mohammad
Loading...