Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Jun 2022 · 1 min read

दोहावली

हरी-भरी देखो धरा, हरे बनें अरमान।
हरियाली के नूर से, भरें सदा खलिहान।।//1

नैनों को आनंद दे, करे इन्हें बलवान।
हरियाली जादू लगे, हरे करो मैदान।।//2

हरित-क्रांति संदेश को, समझे हर इंसान।
खुशहाली भरते यहां, सुरभि लिए उद्यान।।//3

हरियाली ने भर दिया, नैनों में अभिराम।
स्वर्ग दिखाई दे धरा, हसीं सुबह हर शाम।।//4

प्रीतम पुलकित मन करे, फूलों की दास्तान।
फूलों जैसे उर खिलें, गूंजें जग में गान।।//5

प्रीतम हरियाली लिखे, ख़ुशियों का संदेश।
जहां रहे यह शान से, महके वही परिवेश।।//6

प्रीतम हर्षित उर करे, हरियाली का छोर।
हर्षित उर तो भूप हम, क्यों न चलें इस ओर।।//7

आर.एस. “प्रीतम”
सर्वाधिकार सुरक्षित दोहे

Language: Hindi
1 Like · 942 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from आर.एस. 'प्रीतम'
View all
You may also like:
वोट कर!
वोट कर!
Neelam Sharma
माँ महान है
माँ महान है
Dr. Man Mohan Krishna
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
Satish Srijan
"पता नहीं"
Dr. Kishan tandon kranti
जो बैठा है मन के अंदर उस रावण को मारो ना
जो बैठा है मन के अंदर उस रावण को मारो ना
VINOD CHAUHAN
पैर धरा पर हो, मगर नजर आसमां पर भी रखना।
पैर धरा पर हो, मगर नजर आसमां पर भी रखना।
Seema gupta,Alwar
*तू बन जाए गर हमसफऱ*
*तू बन जाए गर हमसफऱ*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खोदकर इक शहर देखो लाश जंगल की मिलेगी
खोदकर इक शहर देखो लाश जंगल की मिलेगी
Johnny Ahmed 'क़ैस'
!! युवा !!
!! युवा !!
Akash Yadav
फितरत
फितरत
Bodhisatva kastooriya
दो पल का मेला
दो पल का मेला
Harminder Kaur
*** आशा ही वो जहाज है....!!! ***
*** आशा ही वो जहाज है....!!! ***
VEDANTA PATEL
ज़िंदगी इतनी मुश्किल भी नहीं
ज़िंदगी इतनी मुश्किल भी नहीं
Dheerja Sharma
आह और वाह
आह और वाह
ओनिका सेतिया 'अनु '
ख़राब आदमी
ख़राब आदमी
Dr MusafiR BaithA
मन पतंगा उड़ता रहे, पैच कही लड़जाय।
मन पतंगा उड़ता रहे, पैच कही लड़जाय।
Anil chobisa
बारिश
बारिश
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
मैं तुझसे मोहब्बत करने लगा हूं
मैं तुझसे मोहब्बत करने लगा हूं
Sunil Suman
मेरे पास नींद का फूल🌺,
मेरे पास नींद का फूल🌺,
Jitendra kumar
जैसे एकसे दिखने वाले नमक और चीनी का स्वाद अलग अलग होता है...
जैसे एकसे दिखने वाले नमक और चीनी का स्वाद अलग अलग होता है...
Radhakishan R. Mundhra
तू फ़रिश्ता है अगर तो
तू फ़रिश्ता है अगर तो
*प्रणय प्रभात*
वो भी थी क्या मजे की ज़िंदगी, जो सफ़र में गुजर चले,
वो भी थी क्या मजे की ज़िंदगी, जो सफ़र में गुजर चले,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
एक साक्षात्कार - चाँद के साथ
एक साक्षात्कार - चाँद के साथ
Atul "Krishn"
अंतिम साँझ .....
अंतिम साँझ .....
sushil sarna
बेटियां
बेटियां
Neeraj Agarwal
धूल के फूल
धूल के फूल
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
हॅंसी
हॅंसी
Paras Nath Jha
जो मुस्किल में छोड़ जाए वो यार कैसा
जो मुस्किल में छोड़ जाए वो यार कैसा
Kumar lalit
मेरे हमसफ़र ...
मेरे हमसफ़र ...
हिमांशु Kulshrestha
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...