Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jan 2024 · 1 min read

दोहे एकादश…

नैनों में प्रिय तुम बसे, अधर तुम्हारा नाम।
एक इशारा तुम करो, चलूँ तुम्हारे धाम।।१।।

धंधा करते झूठ का, दावे करते नेक।
सिर्फ एक या दो नहीं, देखे यहाँ अनेक।।२।।

घर-घर एसी लग रहे, बढ़ा धरा का ताप।
हलक-अधर सब सूखते, कौन हरे संताप।।३।।

दादुर सँकरे कूप में, फुदक-फुदक इतराय।
पंछी उड़कर व्योम तक, पार समंदर जाय।।४।।

अपने अपने ना रहे, घर में रहकर गैर।
रिश्ते नाजुक मर रहे, कौन मनाए खैर ।।५।।

पड़ें नज़र के सामने, किस मुँह शोशेबाज।
झूठी शान बघारते, आए जिन्हें न लाज।।६।।

अहंकार के वृक्ष पर, फलें नाश के फूल।
हित यदि अपना चाहते, काटो उसे समूल।।७।।

निंदा रस में लिप्त जो, भरता सबके कान।
खुलती इक दिन पोल जब, क्या रह जाता मान ।।८।।

माँ को बेघर कर गए, खूब मचाकर क्लेश।
घर पुश्तैनी बेचकर, सुत जा बसे विदेश।।९।।

कैसे उनको मान लें, निर्मल शुद्ध प्रकार।
घुट्टी में जिनको मिले, केवल असत् विचार।।१०।।

गली-गली में देख लो, चलते सीना तान।
संस्कारों की धज्जियाँ, उड़ाते नौजवान।।११।।

© डॉ.सीमा अग्रवाल,
मुरादाबाद ( उ.प्र.)

Language: Hindi
2 Likes · 106 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from डॉ.सीमा अग्रवाल
View all
You may also like:
dream of change in society
dream of change in society
Desert fellow Rakesh
नए मुहावरे में बुरी औरत / MUSAFIR BAITHA
नए मुहावरे में बुरी औरत / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
कोठरी
कोठरी
Punam Pande
बेवफ़ा इश्क़
बेवफ़ा इश्क़
Madhuyanka Raj
गिलहरी
गिलहरी
Kanchan Khanna
माँ का आशीर्वाद पकयें
माँ का आशीर्वाद पकयें
Pratibha Pandey
"दूरी के माप"
Dr. Kishan tandon kranti
लफ्जों के सिवा।
लफ्जों के सिवा।
Taj Mohammad
*****खुद का परिचय *****
*****खुद का परिचय *****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
दोहे-*
दोहे-*
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
लड़कियां जिसका भविष्य बना होता है उन्हीं के साथ अपना रिश्ता
लड़कियां जिसका भविष्य बना होता है उन्हीं के साथ अपना रिश्ता
Rj Anand Prajapati
जिंदगी मुस्कुराती थी कभी, दरख़्तों की निगेहबानी में, और थाम लेता था वो हाथ मेरा, हर एक परेशानी में।
जिंदगी मुस्कुराती थी कभी, दरख़्तों की निगेहबानी में, और थाम लेता था वो हाथ मेरा, हर एक परेशानी में।
Manisha Manjari
शयनकक्ष श्री हरि चले, कौन सँभाले भार ?।
शयनकक्ष श्री हरि चले, कौन सँभाले भार ?।
डॉ.सीमा अग्रवाल
कान्हा तेरी मुरली है जादूभरी
कान्हा तेरी मुरली है जादूभरी
krishna waghmare , कवि,लेखक,पेंटर
कई बात अभी बाकी है
कई बात अभी बाकी है
Aman Sinha
* वर्षा ऋतु *
* वर्षा ऋतु *
surenderpal vaidya
*किसान*
*किसान*
Dushyant Kumar
उन्हें हद पसन्द थीं
उन्हें हद पसन्द थीं
हिमांशु Kulshrestha
प्रेम अब खंडित रहेगा।
प्रेम अब खंडित रहेगा।
Shubham Anand Manmeet
आप और हम जीवन के सच
आप और हम जीवन के सच
Neeraj Agarwal
■ मेरा जीवन, मेरा उसूल। 😊
■ मेरा जीवन, मेरा उसूल। 😊
*प्रणय प्रभात*
असली खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है।
असली खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है।
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
दृष्टि
दृष्टि
Ajay Mishra
मैंने किस्सा बदल दिया...!!
मैंने किस्सा बदल दिया...!!
Ravi Betulwala
क्षणभंगुर
क्षणभंगुर
Vivek Pandey
*छलने को तैयार है, छलिया यह संसार (कुंडलिया)*
*छलने को तैयार है, छलिया यह संसार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
चले ससुराल पँहुचे हवालात
चले ससुराल पँहुचे हवालात
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
26. ज़ाया
26. ज़ाया
Rajeev Dutta
खिलाड़ी
खिलाड़ी
महेश कुमार (हरियाणवी)
Loading...