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9 Feb 2024 · 1 min read

दोहा बिषय- दिशा

दोहा विषय – दिशा

दिशा हीन #राना मनुज , जग‌ में रहे उदास ||
बौराया -सा घूमता , रहे न कुछ भी पास ||

निर्धारित है यदि दिशा , होता ‌ अनुसंधान |
#राना यह भी मानता , चूकै‌ नहीं निशान ||

नियत हमारी दे दिशा , चलें कदम किस ओर |
#राना करनी ही सदा , करें निशा शुभ भोर ||

रावण ने अपनी दिशा , पहले रखी ‌ घमंड |
दूजी में #राना दिखा , फैलाया पाखंड‌ ||

मन की होती जो दशा , दिशा बने प्रतिमान |
#राना कहता सोचकर , और कहें गुणवान |
***
✍️ राजीव नामदेव “राना लिधौरी” टीकमगढ़
संपादक “आकांक्षा” पत्रिका
संपादक- ‘अनुश्रुति’ त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email – ranalidhori@gmail.com

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